‘ऐसा क्या हुआ?’ JDU ने अपने ही सांसद गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की, लोकसभा स्पीकर को सौंपा नोटिस
‘ऐसा क्या हुआ?’ JDU ने अपने ही सांसद गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की, लोकसभा स्पीकर को सौंपा नोटिस
नई दिल्ली/पटना: जनता दल (यूनाइटेड) में बड़ा बवाल! पार्टी ने अपने ही लोकसभा सांसद गिरधारी यादव (बांका, बिहार) को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस सौंप दिया है। यह असामान्य कदम पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप पर उठाया गया है।
लोकसभा में JDU के संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामत (सुपौल सांसद) ने मंगलवार (24 मार्च 2026) को स्पीकर को यह नोटिस दिया। आरोपों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
गिरधारी यादव ने 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में अपने बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन के लिए प्रचार किया, जो RJD टिकट पर बेलहर सीट से चुनाव लड़ रहे थे।
EVM और SIR (विशेष गणना) को लेकर पार्टी लाइन के खिलाफ बयान दिए।
पहले भी 2025 में SIR संबंधी बयान पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
JDU सूत्रों का कहना है कि सांसद ने पार्टी अनुशासन तोड़ा और विपक्षी दल के उम्मीदवार के लिए काम किया, जो दसवीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन लॉ) के तहत अयोग्यता का आधार बन सकता है।
गिरधारी यादव का बचाव
गिरधारी यादव ने पहली प्रतिक्रिया में कहा, “मेरा बेटा बालिग है और वो अपनी मर्जी से RJD में गया। मैंने कभी पार्टी के खिलाफ कोई काम नहीं किया। अगर स्पीकर बुलाएंगे तो अपना पक्ष रखूंगा।”
JDU नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह): “फैसला हमने नहीं लिया, फैसला उन लोगों ने लिया जिन्होंने अपने बेटे को RJD टिकट दिलाया।”
JDU सांसद संजय कुमार झा: “पार्टी ने नोटिस दिया है। प्रमाण हैं कि उन्होंने RJD उम्मीदवार के लिए प्रचार किया।”
नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले गिरधारी यादव पर यह कार्रवाई JDU में सख्त अनुशासन का संदेश दे रही है, खासकर NDA में रहते हुए विपक्षी गतिविधियों को लेकर।
अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इस नोटिस पर सुनवाई करेंगे और फैसला लेंगे। अगर अयोग्य ठहराया गया तो गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है और बांका सीट खाली हो जाएगी।
यह मामला बिहार की राजनीति में नई उथल-पुथल पैदा कर सकता है, क्योंकि JDU-NDA गठबंधन अभी भी मजबूत है लेकिन आंतरिक असंतोष साफ दिख रहा है।
