पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक समाप्त: विपक्ष के दिग्गज नेता जुटे, टीएमसी ने किया बहिष्कार
पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक समाप्त: विपक्ष के दिग्गज नेता जुटे, टीएमसी ने किया बहिष्कार
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बुधवार (25 मार्च 2026) शाम को समाप्त हो गई। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सभी दलों के नेताओं को पश्चिम एशिया की ताजा स्थिति, भारत पर इसके प्रभाव (ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल, LPG, खाद्य सुरक्षा आदि), भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सरकार की तैयारियों की विस्तृत ब्रीफिंग दी। सूत्रों के अनुसार, बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और अधिकांश दलों ने सरकार के रुख का समर्थन किया।
कौन-कौन शामिल हुआ?
कांग्रेस की ओर से तारिक अनवर और मुकुल वासनिक
जेडीयू से ललन सिंह और संजय झा
अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता
राहुल गांधी पहले ही बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा कर चुके थे (केरल कार्यक्रम के कारण)।
टीएमसी का बहिष्कार
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। पार्टी ने कहा कि जब संसद सत्र चल रहा है, तब सदन के अंदर चर्चा की बजाय कॉन्फ्रेंस रूम में बैठक बुलाई जा रही है। TMC सांसद सागरिका घोष और सौगत रॉय ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। TMC का立场 है कि पश्चिम एशिया संकट और LPG संकट दोनों पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए।
बैठक के मुख्य मुद्दे
पश्चिम एशिया युद्ध से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित खतरा
कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल, LPG और खाद की कीमतों पर असर
विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी
वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की रणनीति
सरकार ने सभी दलों से एकजुटता का आह्वान किया और कहा कि भारत इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विपक्षी नेताओं ने कुछ सवाल उठाए, जिनका जवाब जयशंकर और अन्य मंत्रियों ने दिया। बैठक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने कहा कि राष्ट्रीय हित में सभी दल एकजुट हैं, हालांकि TMC का बहिष्कार राजनीतिक गर्मी बढ़ाने वाला रहा।
