उत्तराखंड

उत्तराखंड में अचानक गूंजी मोबाइलों की ‘बीप’, लोगों में मचा हड़कंप; मौसम विभाग ने जारी किया 24 घंटे का ‘ऑरेंज अलर्ट’

उत्तराखंड में आज सुबह से ही लोग उस वक्त चौंक गए जब उनके मोबाइल फोन अचानक तेज बीप और वाइब्रेशन के साथ गूंजने लगे। यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सरकार द्वारा भेजा गया एक इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alert) था, जिसने आने वाले 24 घंटों के लिए भारी खतरे की चेतावनी दी है।

उत्तराखंड में अचानक गूंजी मोबाइलों की ‘बीप’, लोगों में मचा हड़कंप; मौसम विभाग ने जारी किया 24 घंटे का ‘ऑरेंज अलर्ट’

देवभूमि उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज के बीच आज सुबह 10:30 बजे और फिर दोपहर 2 से 3 बजे के बीच लाखों मोबाइल फोन एक साथ बज उठे। तेज आवाज और स्क्रीन पर फ्लैश होते संदेश ने लोगों को डरा दिया, लेकिन असल में यह ‘सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम’ के जरिए भेजा गया एक सुरक्षा अलर्ट था।

किन जिलों के लिए है खतरा?

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से इन जिलों में रहने वालों को सावधान रहने को कहा गया है:

* पहाड़ी क्षेत्र: चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर।

* मैदानी व अन्य क्षेत्र: देहरादून और चंपावत।

क्या है अलर्ट की मुख्य चेतावनी?

* बर्फबारी और बारिश: ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में तेज बारिश की संभावना है।

* तेज हवाएं: 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है।

* बिजली गिरना: आसमान में बिजली कड़कने और गर्जना के साथ ओलावृष्टि का भी अनुमान है।

क्यों आया आपके फोन पर यह ‘Emergency Alert’?

यह अलर्ट आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा परीक्षण और वास्तविक चेतावनी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक आधुनिक सिस्टम है।

* ध्यान खींचना: यह सामान्य SMS की तरह साइलेंट नहीं रहता, बल्कि तेज बीप और वाइब्रेशन करता है ताकि सोता हुआ व्यक्ति भी जाग जाए।

* बिना इंटरनेट के काम: यह 4G और 5G नेटवर्क के जरिए सीधे ‘सेल टावर’ से भेजा जाता है, इसके लिए सक्रिय डेटा कनेक्शन की जरूरत नहीं होती।

* सामूहिक सूचना: एक ही टावर रेंज में मौजूद सभी फोन पर यह संदेश एक साथ पहुंचता है, जिससे समय रहते पूरी आबादी को सतर्क किया जा सके।

प्रशासन की तैयारी: ‘अलर्ट मोड’ पर विभाग

पिछले 48 घंटों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस आवाज से घबराने या पैनिक करने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह संदेश आपकी सुरक्षा के लिए है ताकि आप खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें।

सावधानी: प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि अगले 24 घंटे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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