भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 2,497 अंक लुढ़का, 11-12 लाख करोड़ रुपये की चपेट में निवेशक संपत्ति
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 2,497 अंक लुढ़का, 11-12 लाख करोड़ रुपये की चपेट में निवेशक संपत्ति
दालाल स्ट्रीट पर आज भयंकर हाहाकार मचा रहा है। बीएसई सेंसेक्स 2,497 अंक (करीब 3.26%) की जोरदार गिरावट के साथ 74,207 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 776 अंक टूटकर 23,002 के स्तर पर आ गया। यह पिछले तीन सत्रों की लगातार तेजी को पूरी तरह मिटा देने वाली सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है, जो जून 2024 के बाद सबसे खराब दिन साबित हुई।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 3% तक डूब गए, जबकि सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। बाजार पूंजीकरण में BSE लिस्टेड कंपनियों की कुल वैल्यू से 11.5 से 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी छंटनी हुई, जिससे कुल मार्केट कैप घटकर करीब 427-428 लाख करोड़ पर आ गया।
मुख्य कारण क्या हैं?
मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध का खतरा: ईरान के हालिया मिसाइल हमलों से कतर के रास लफान LNG प्लांट सहित कई ऊर्जा सुविधाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इससे ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $115-116 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं (कुछ रिपोर्ट्स में $120 के करीब)। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह “इंपोर्टेड इन्फ्लेशन” का बड़ा खतरा है, जो कॉर्पोरेट कमाई और उपभोक्ता खर्च पर असर डालेगा।
US फेड की हॉकिश पॉलिसी: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा और ऊर्जा कीमतों में उछाल से इन्फ्लेशन बढ़ने की चेतावनी दी। इससे ग्लोबल मार्केट्स में रिस्क-ऑफ मूड बढ़ा और रेट कट की उम्मीदें कमजोर हुईं।
HDFC बैंक का संकट: बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिसमें उन्होंने बैंक की कुछ प्रथाओं को अपनी नैतिकता से असंगत बताया। इससे HDFC बैंक के शेयर 8-9% तक गिरे, जो निफ्टी और सेंसेक्स में भारी वेटेज रखता है। बैंकिंग इंडेक्स भी 3-4% टूटा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट का संकट लंबा खिंचा और तेल कीमतें $120 के ऊपर बनी रहीं, तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है, रुपये पर दबाव आएगा (93 के पार जाने की आशंका), और RBI को भी टाइट मॉनेटरी पॉलिसी अपनानी पड़ सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और डिफेंसिव सेक्टर्स (जैसे FMCG, फार्मा) पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।
ग्लोबल मार्केट्स भी लाल निशान में हैं, और कल की ट्रेडिंग में और उतार-चढ़ाव की उम्मीद है। स्थिति पर नजर बनी हुई है—क्या यह सिर्फ एक दिन की गिरावट है या लंबे सुधार की शुरुआत? समय बताएगा।
