डिफेंस अलर्ट: अमेरिका के रडार पर पाकिस्तान की नई घातक मिसाइल, जानें क्यों डरा हुआ है सुपरपावर?
पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से अमेरिका में गंभीर चिंता और डर का माहौल बन गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ICBM (Intercontinental Ballistic Missile) क्लास की मिसाइल विकसित कर रहा है, जिसकी रेंज अमेरिकी धरती (US homeland) तक पहुंच सकती है।
ताजा अपडेट (19 मार्च 2026):
US Director of National Intelligence Tulsi Gabbard ने सीनेट सिलेक्ट कमिटी ऑन इंटेलिजेंस में 2026 Annual Threat Assessment पेश करते हुए कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान उन देशों में शामिल हैं जो न्यूक्लियर और कन्वेंशनल पेलोड वाली एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम डेवलप कर रहे हैं, जो अमेरिकी homeland को रेंज में ला सकते हैं।
गैबर्ड ने खास तौर पर पाकिस्तान के long-range ballistic missile development का जिक्र किया और कहा:
“Pakistan’s long-range ballistic missile development potentially could include ICBMs with a range capable of striking the homeland.”
यह आकलन 2025-26 में तेजी से बढ़ी चिंताओं पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान बड़े डायमीटर के solid rocket motors टेस्ट कर रहा है, जो ICBM जैसी मिसाइलों के लिए जरूरी हैं। डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Jon Finer ने दिसंबर 2024 में Carnegie Endowment में कहा था कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो पाकिस्तान South Asia से बहुत आगे (including United States) तक स्ट्राइक कर सकता है, और इसे “emerging threat to the United States” बताया।
कौन सी मिसाइल/प्रोग्राम?
– पाकिस्तान की मौजूदा मिसाइलें जैसे Shaheen-III (रेंज ~2750 km) और Ababeel (MIRV-capable, रेंज ~2200 km) मुख्य रूप से भारत को टारगेट करती हैं।
– लेकिन अमेरिका का डर नई लंबी रेंज वाली मिसाइल (संभावित ICBM) से है, जिसके लिए बड़े rocket motors और टेस्टिंग इक्विपमेंट विकसित किए जा रहे हैं।
– कुछ रिपोर्ट्स में hypersonic missile (जैसे SMASH, जो 2026 World Defence Show में दिखाई गई) का भी जिक्र है, लेकिन मुख्य चिंता ICBM-स्तर की रेंज वाली मिसाइल पर है।
– US इंटेलिजेंस का अनुमान: यह क्षमता कई साल से एक दशक दूर है, लेकिन प्रोग्राम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमेरिका की कार्रवाई:
– दिसंबर 2024 में National Development Complex (NDC) सहित चार पाकिस्तानी इकाइयों पर नई सैंक्शंस लगाई गईं।
– चीन से आने वाली सप्लाई चेन (जैसे RIAMB) पर भी सैंक्शंस।
– अमेरिका ने पाकिस्तान से कंट्रोल्ड मिसाइल टेस्ट्स पर जानकारी शेयर करने और लिमिट्स लगाने की मांग की, लेकिन पाकिस्तान ने इनकार कर दिया।
पाकिस्तान का जवाब:
पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा कि उसका मिसाइल प्रोग्राम सिर्फ South Asia में स्थिरता और अपनी सुरक्षा के लिए है, अमेरिका को टारगेट नहीं। फॉरेन मिनिस्ट्री ने इसे “devoid of evidence” बताया।
यह डेवलपमेंट 2026 में ग्लोबल न्यूक्लियर थ्रेट्स की नई लिस्ट में पाकिस्तान को शामिल कर रहा है, जहां दुनिया भर में homeland-स्ट्राइक करने वाली मिसाइलों की संख्या 2035 तक 3,000 से 16,000+ हो सकती है। अमेरिका में अब पाकिस्तान को nuclear threat की कैटेगरी में देखा जा रहा है, जो पहले सिर्फ रीजनल था। क्या यह प्रोग्राम वाकई ICBM तक पहुंचेगा? आने वाले महीनों में और खुलासे हो सकते हैं।
