पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भारी तनाव: ईद से पहले कुनार प्रांत में बमबारी, सीजफायर टूटा
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भारी तनाव: ईद से पहले कुनार प्रांत में बमबारी, सीजफायर टूटा
काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक हो गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में भारी गोलाबारी और हवाई हमले किए हैं। यह हमला तब हुआ है जब दोनों देशों के बीच ईद-उल-फितर के मद्देनजर एक अस्थायी संघर्ष विराम (Ceasefire) पर सहमति बनी थी।
ताज़ा अपडेट्स: क्या हुआ अब तक?
भारी गोलाबारी: स्थानीय सूत्रों और तालिबान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाते हुए रॉकेट दागे हैं। कुनार प्रांत के सीमावर्ती जिलों में दर्जनों घरों के तबाह होने की खबर है।
सीजफायर का उल्लंघन: 18 मार्च 2026 को सऊदी अरब और कतर की मध्यस्थता में ईद के लिए एक सप्ताह के सीजफायर की घोषणा की गई थी। लेकिन 19 मार्च की सुबह ही पाकिस्तानी विमानों और आर्टिलरी ने गोलाबारी शुरू कर दी, जिससे शांति की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
अस्पताल पर हमला: रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में काबुल में एक ‘नशा मुक्ति केंद्र’ (Drug Rehabilitation Hospital) पर भी हमला हुआ था, जिसमें 400 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। अफगानिस्तान ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है।
दोनों पक्षों का रुख
| पक्ष | मुख्य दावा / बयान |
| पाकिस्तान | हम अपनी सीमा के भीतर होने वाले आतंकी हमलों (TTP) के जवाब में ‘इंटेलिजेंस-बेस्ड’ ऑपरेशन कर रहे हैं। हमने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। |
| अफगानिस्तान | पाकिस्तान नागरिक बस्तियों, स्कूलों और अस्पतालों पर बमबारी कर रहा है। यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है और इसका “करारा जवाब” दिया जाएगा। |
मानवीय संकट गहराया
संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट के अनुसार, इस ताज़ा सैन्य टकराव के कारण अब तक 1,15,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। कुनार और नंगरहार जैसे इलाकों में हजारों परिवार अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान के भीतर बढ़ते आतंकी हमलों (जैसे बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हमले) के दबाव में पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।
