चारधाम यात्रा 2026: 12 दिनों में 7 लाख पंजीकरण, टूटेगा पिछले साल का रिकॉर्ड; जानें कपाट खुलने की सही तारीखें
उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद हो चुका है और श्रद्धालुओं का उत्साह पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ता नजर आ रहा है। मात्र 12 दिनों के भीतर पंजीकरण (Registration) का आंकड़ा 7 लाख के करीब पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि इस साल 2025 का 51 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकता है।
यहाँ यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां, पंजीकरण के आंकड़े और नई व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी दी गई है:
चारधाम यात्रा 2026: 12 दिनों में 7 लाख पंजीकरण, टूटेगा पिछले साल का रिकॉर्ड; जानें कपाट खुलने की सही तारीखें
देहरादून: बाबा केदार की भक्ति और बद्री विशाल के दर्शन के लिए देश-दुनिया के श्रद्धालु बेताब हैं। पर्यटन विभाग द्वारा 6 मार्च से शुरू की गई ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में अब तक 6,86,305 लोग अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। प्रशासन इस भारी भीड़ को संभालने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है।
चारधाम यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां
इस वर्ष यात्रा का शुभारंभ अप्रैल माह के उत्तरार्ध में होगा:
* 19 अप्रैल: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
* 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
* 23 अप्रैल: बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
* 23 मई: सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे।
धाम वार पंजीकरण की स्थिति (18 मार्च तक)
आंकड़ों के अनुसार, इस बार भी श्रद्धालुओं की पहली पसंद केदारनाथ धाम बना हुआ है:
| धाम का नाम | कुल पंजीकरण |
| केदारनाथ | 2,29,295 |
| बदरीनाथ | 2,02,622 |
| गंगोत्री | 1,28,253 |
| यमुनोत्री | 1,25,366 |
नई व्यवस्था: ऑनलाइन vs ऑफलाइन कोटा
प्रशासन ने यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए पंजीकरण प्रणाली को दो हिस्सों में बांटा है:
* 70% ऑनलाइन कोटा: वर्तमान में जारी प्रक्रिया के तहत श्रद्धालु घर बैठे पंजीकरण कर रहे हैं।
* 30% ऑफलाइन कोटा: जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाए हैं, उनके लिए 17 अप्रैल से हरिद्वार, ऋषिकेश, नया गांव और हरबर्टपुर जैसे केंद्रों पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे।
विशेष नोट: भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से बचाने के लिए इस बार केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है।
किन राज्यों से आ रहे सबसे ज्यादा भक्त?
पिछले साल की तरह इस बार भी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इन राज्यों के श्रद्धालुओं में चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।
सावधानी: यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य सुनिश्चित करें, क्योंकि बिना वैध पंजीकरण के धामों की ओर प्रवेश वर्जित हो सकता है।
