अलविदा ‘डोरेमोन’ के जादूगर: दिग्गज डायरेक्टर त्सुतोमु शिबायामा का 84 साल की उम्र में निधन, एनीमेशन जगत में शोक की लहर
एनीमेशन की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हम सभी के बचपन को ‘डोरेमोन’ (Doraemon) जैसे यादगार किरदारों से सजाने वाले दिग्गज जापानी निर्देशक त्सुतोमु शिबायामा (Tsutomu Shibayama) का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके जाने से न केवल जापान, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया के एनीमेशन प्रेमी शोक में हैं।
अलविदा ‘डोरेमोन’ के जादूगर: दिग्गज डायरेक्टर त्सुतोमु शिबायामा का 84 साल की उम्र में निधन, एनीमेशन जगत में शोक की लहर
टोक्यो: बच्चों के सबसे पसंदीदा कार्टून ‘डोरेमोन’ को अपनी कल्पना और निर्देशन से घर-घर पहुंचाने वाले मशहूर जापानी एनीमेशन डायरेक्टर त्सुतोमु शिबायामा अब हमारे बीच नहीं रहे। 84 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। शिबायामा को ‘डोरेमोन’ सीरीज और उसकी दर्जनों फिल्मों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का श्रेय दिया जाता है।
1. एनीमेशन की दुनिया के ‘किंग’
शिबायामा का करियर दशकों लंबा रहा, लेकिन उन्हें असली पहचान ‘डोरेमोन’ के टीवी एपिसोड्स और फिल्मों से मिली।
* लंबा साथ: उन्होंने 1983 से लेकर 2004 तक लगातार डोरेमोन की लगभग हर साल रिलीज होने वाली फिल्मों का निर्देशन किया।
* 22 फिल्में: उनके निर्देशन में डोरेमोन की 22 ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं, जिन्होंने जापानी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े और दुनिया भर के बच्चों का दिल जीता।
2. डोरेमोन के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स
शिबायामा सिर्फ डोरेमोन तक ही सीमित नहीं थे। उन्होंने एनीमेशन की कई अन्य कालजयी कृतियों में भी अपना योगदान दिया:
* चिनुबिका मारुको-चान (Chibi Maruko-chan): इस लोकप्रिय सीरीज के निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही।
* रणमा 1/2 (Ranma ½): उन्होंने कई मशहूर एनीमे सीरीज में बतौर की-एनीमेटर और लेआउट डिजाइनर काम किया।
3. बच्चों के बीच लोकप्रियता का कारण
शिबायामा के निर्देशन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे जटिल भावनाओं को भी बहुत सरलता और मासूमियत के साथ पर्दे पर उतारते थे। डोरेमोन की गैजेट्स वाली दुनिया के पीछे उन्होंने हमेशा दोस्ती, परिवार और साहस जैसे मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी, यही वजह है कि डोरेमोन आज भी हर पीढ़ी का पसंदीदा है।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि का तांता
जैसे ही उनके निधन की खबर आई, सोशल मीडिया पर ‘Rest in Peace’ और ‘Thank You for My Childhood’ जैसे संदेशों की बाढ़ आ गई।
* फैंस की प्रतिक्रिया: “आपने हमें उड़ने के लिए ‘बैम्बू कॉप्टर’ और मुश्किलों से लड़ने के लिए ‘एनीवेयर डोर’ जैसे सपने दिए, आपका शुक्रिया।”
* एनीमेशन इंडस्ट्री: जापान के बड़े एनीमेशन स्टूडियो और निर्देशकों ने उन्हें एक ‘संस्थान’ बताते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
त्सुतोमु शिबायामा भले ही चले गए हों, लेकिन नीला रोबोटिक बिल्ली ‘डोरेमोन’ और नोबिता की उनकी बनाई दुनिया हमेशा बच्चों को प्रेरित करती रहेगी।
