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EV चार्जिंग की ‘चिंगारी’ बनी काल: 8 लोगों की दर्दनाक मौत, भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां

यह खबर वाकई दिल दहला देने वाली और डराने वाली है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) तकनीक जहां एक ओर भविष्य की सवारी मानी जा रही है, वहीं सुरक्षा में छोटी सी चूक इसे ‘चलता-फिरता बम’ बना सकती है।

हाल ही में हुई इस दर्दनाक घटना में, जहाँ चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, उसने एक बार फिर EV सेफ्टी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पेश है इस घटना पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट और बचाव के तरीके:

EV चार्जिंग की ‘चिंगारी’ बनी काल: 8 लोगों की दर्दनाक मौत, भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां

नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक गाड़ियों के प्रति बढ़ती दीवानगी के बीच एक भयावह हादसा सामने आया है। चार्जिंग के दौरान बैटरी में हुए विस्फोट के कारण लगी आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 8 लोगों की झुलसकर मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग इस भीषण त्रासदी की मुख्य वजह थे।

क्यों लगती है EV में आग?

इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी का इस्तेमाल होता है। यह बैटरी बहुत अधिक ऊर्जा स्टोर करती है। अगर चार्जिंग के दौरान तापमान बहुत बढ़ जाए या सेल में कोई डैमेज हो, तो इसमें ‘थर्मल रनवे’ (Thermal Runaway) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे आग बुझाना नामुमकिन हो जाता है।

भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां (Safety Tips)

अगर आपके पास भी इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार है, तो इन बातों को गांठ बांध लें:

1. लोकल चार्जर का इस्तेमाल (Avoid Cheap Chargers):

हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर का ही उपयोग करें। सस्ते या लोकल चार्जर वोल्टेज को कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा 90% बढ़ जाता है।

2. ओवरचार्जिंग से बचें (Don’t Overcharge):

अक्सर लोग रात भर गाड़ी को चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। 100% चार्ज होने के बाद भी बिजली का प्रवाह जारी रहने से बैटरी ‘स्वेल’ (फूलना) हो सकती है और फट सकती है। ऑटो-कट फीचर होने के बावजूद रिस्क न लें।

3. धूप या गर्म जगह पर चार्जिंग:

धूप में खड़ी गर्म गाड़ी को तुरंत चार्जिंग पर न लगाएं। बैटरी को पहले ठंडा होने दें। साथ ही, ऐसी जगह चार्ज न करें जहां वेंटिलेशन न हो या पास में ज्वलनशील पदार्थ (जैसे पर्दा, लकड़ी या तेल) रखा हो।

4. बैटरी डैमेज को इग्नोर करना:

अगर आपकी गाड़ी कभी गिरी है या बैटरी पैक पर कोई डेंट आया है, तो उसे तुरंत मैकेनिक को दिखाएं। इंटरनल डैमेज से बैटरी के अंदर के ‘सेपरेटर’ टूट सकते हैं, जो बाद में आग का कारण बनते हैं।

5. एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल:

EV को कभी भी साधारण घर के एक्सटेंशन बोर्ड से चार्ज न करें। ये भारी लोड सहने के लिए नहीं बने होते। इसके लिए हमेशा 15 Amp के पावर सॉकेट का ही उपयोग करें।

अगर धुआं निकले तो क्या करें?

* गाड़ी से तुरंत दूर हो जाएं।

* अगर संभव हो तो मेन स्विच (MCB) को ऑफ कर दें।

* इस आग पर साधारण पानी डालने की गलती न करें (जब तक कि बहुत अधिक मात्रा में न हो), क्योंकि केमिकल फायर पानी से और भड़क सकती है। सैंड (रेत) या ‘D-Class’ फायर एक्सटिंगुइशर का प्रयोग करें।

सावधानी ही बचाव है। तकनीक का लाभ उठाएं, लेकिन सुरक्षा के साथ समझौता न करें।

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