दुबई एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमला: फ्यूल टैंक में धमाके के बाद भीषण आग, सैकड़ों उड़ानें रद्द
दुबई एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमला: फ्यूल टैंक में धमाके के बाद भीषण आग, सैकड़ों उड़ानें रद्द
दुबई: अमेरिका-ईरान युद्ध की आग अब खाड़ी के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों तक पहुँच गई है। सोमवार, 16 मार्च 2026 की तड़के सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है, जिससे दुनिया भर का हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।
प्रमुख घटनाक्रम: क्या हुआ आज सुबह?
* हमले का समय: स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 4:00 बजे एक ड्रोन एयरपोर्ट परिसर के पास स्थित फ्यूल टैंक से टकराया।
* भीषण आग: टक्कर के तुरंत बाद ईंधन टैंक में जबरदस्त धमाका हुआ और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं।
* सुरक्षा कदम: दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने सुबह 6:59 बजे घोषणा की कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।
उड़ानों पर असर और यात्रियों की स्थिति
* उड़ानें रद्द: एमिरेट्स (Emirates), एयर इंडिया और इंडिगो सहित कई बड़ी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। कई दुबई आने वाली उड़ानों को बीच रास्ते से ही वापस मोड़ दिया गया या मस्कट और दोहा डाइवर्ट किया गया।
* यात्रियों को सलाह: एमिरेट्स ने यात्रियों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक एयरपोर्ट न आएं और अपनी फ्लाइट का स्टेटस ऑनलाइन चेक करें।
* हताहत: राहत की बात यह है कि दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। सिविल डिफेंस की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है।
युद्ध का बढ़ता दायरा (मार्च 2026)
यह हमला उस समय हुआ है जब ईरान ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बंदरगाहों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी।
* तीसरा हमला: 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से दुबई एयरपोर्ट पर यह तीसरा और सबसे बड़ा हमला है।
* ईरान की रणनीति: अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद, ईरान अब खाड़ी देशों में मौजूद आर्थिक केंद्रों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर वैश्विक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
अगला अपडेट:
दुबई एयरपोर्ट ने दोपहर के बाद कुछ चुनिंदा गंतव्यों के लिए “सीमित परिचालन” (Limited Operations) शुरू करने की बात कही है।
