‘मैं भारत छोड़ रही हूं’, खामेनेई की मौत के बाद सत्ता पलट के इंतजार में ईरानी एक्ट्रेस! मंदाना करीमी ने कहा – ‘भारत ने मुझे धोखा दिया’
‘मैं भारत छोड़ रही हूं’, खामेनेई की मौत के बाद सत्ता पलट के इंतजार में ईरानी एक्ट्रेस! मंदाना करीमी ने कहा – ‘भारत ने मुझे धोखा दिया’
3 मार्च 2026: ईरान में अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। जहां ईरान में तबाही मची है, वहीं कई ईरानी मूल के लोग इसे ‘मुक्ति’ मान रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड में सक्रिय ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी (Mandana Karimi) ने बड़ा ऐलान कर दिया है – ‘मैं भारत छोड़ रही हूं’! उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सत्ता पलट (regime change) का इंतजार है, और जैसे ही नया दौर आएगा, वो वापस ईरान लौट जाएंगी। लेकिन अभी भी वो भारत छोड़ने की तैयारी में हैं।
मंदाना करीमी ने क्या कहा?
बॉलीवुड हंगामा और अन्य मीडिया को दिए इंटरव्यू में मंदाना ने भावुक होकर बताया:
“जैसे ही यह ऐलान होगा कि वहां का रिजीम (तानाशाही) खत्म हो गया, मैं चली जाऊंगी। वैसे भी, मेरे बैग पैक हो चुके हैं और मैं भारत भी छोड़ रही हूं। मुझे लग रहा है कि मैं भारत से ब्रेकअप कर रही हूं। यह मेरे लिए बहुत मुश्किल है – मैं बहुत छोटी उम्र में यहां आई थी।”
“भारत ने मुझे धोखा दिया है। पिछले दो महीनों में मैं कभी इतनी अकेली और होमसिक नहीं महसूस की। मैंने ईरान को लेकर खुलकर बात की, प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया, लेकिन कई ‘सो-कॉल्ड’ दोस्त खो दिए। यहां मेरी आवाज दब जाती है, मुझे सुरक्षित महसूस नहीं होता।”
उन्होंने ईरानी शासन को ‘मिडिल ईस्ट का कैंसर’ बताया और कहा कि खामेनेई की मौत से लाखों ईरानियों को राहत मिली है। वो ट्रंप को भी ‘लिबरेटर’ मानती हैं और ईरानियों को खुद रिजीम चेंज लाने की उम्मीद है।
बैकग्राउंड
मंदाना करीमी ईरान में जन्मी हैं, लेकिन कई सालों से भारत में रह रही हैं। उन्होंने बिग बॉस 9 में हिस्सा लिया था और कई फिल्मों में काम किया।
खामेनेई की मौत के बाद वो और एलनाज नौरोजी (Sacred Games फेम) जैसे ईरानी एक्ट्रेसेस ने जश्न मनाया। लेकिन भारत में कुछ जगहों पर खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन हुए, जिससे मंदाना का दिल टूट गया।
सुरक्षा कारणों से वो डिटेल्स नहीं बता रही हैं, लेकिन कहा कि “मैं अब जा रही हूं, क्योंकि यहां सुरक्षित नहीं लगता।”
यह फैसला मिडिल ईस्ट संकट और ईरान में बदलाव की उम्मीद से जुड़ा है। क्या मंदाना का ईरान लौटना संभव होगा, या भारत में ही रहेंगी? आप क्या सोचते हैं – उनका फैसला सही है या भावुकता? कमेंट में बताएं!
