गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड: STF ने जमशेदपुर के बागबेड़ा से एक आरोपी को किया गिरफ्तार, शूटरों के लिए बाइक कराई थी बुक
गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड: STF ने जमशेदपुर के बागबेड़ा से एक आरोपी को किया गिरफ्तार, शूटरों के लिए बाइक कराई थी बुक
देहरादून/जमशेदपुर: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। STF ने जमशेदपुर के बागबेड़ा इलाके से राजकुमार सिंह (उर्फ राजू) नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। राजकुमार सिंह एक पुलिस अधिकारी के भाई हैं और जांच में सामने आया है कि उन्होंने शूटरों के लिए बाइक बुक कराई थी, जिसका इस्तेमाल हत्या के दौरान किया गया।
घटना की पृष्ठभूमि:
13 फरवरी 2026 को देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर एनी टाइम फिटनेस जिम से निकलते समय विक्रम शर्मा पर तीन बाइक सवार शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विक्रम शर्मा मौके पर ही मारे गए थे।
विक्रम शर्मा झारखंड के जमशेदपुर का हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह गैंगस्टर अखिलेश सिंह का ‘ब्रेन’ माना जाता था और कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं में नाम आया था। वह 2021 से जमानत पर बाहर था और देहरादून में रह रहा था, जहां उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई थी।
गिरफ्तारी की डिटेल्स:
STF ने राजकुमार सिंह को जमशेदपुर के बागबेड़ा से हिरासत में लिया और ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ले आई।
जांच में पता चला कि राजकुमार सिंह का बेटा यशराज शूटरों को हथियार सप्लाई करने और लॉजिस्टिक्स में मदद करने का मुख्य संदिग्ध है। राजकुमार सिंह ने शूटरों के लिए बाइक बुक कराई थी, जिससे वे देहरादून पहुंचे और अपराध अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी को देहरादून लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। STF की टीम झारखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है ताकि बाकी शूटरों और मास्टरमाइंड को पकड़ा जा सके।
कुछ रिपोर्ट्स में दो शूटरों (आकाश प्रसाद और आशुतोष सिंह) के वाराणसी कैंट थाने में सरेंडर करने की बात कही गई है, लेकिन STF ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की।
जांच के अन्य एंगल:
पुलिस का मानना है कि हत्या में गैंगवार से ज्यादा पारिवारिक/संपत्ति विवाद का हाथ हो सकता है। विक्रम के छोटे भाई अरविंद शर्मा पर भी शक है, और उनकी पत्नी ने भी देवर पर आरोप लगाया है।
गैंगस्टर अखिलेश सिंह (दुमका जेल में बंद) से भी STF ने पूछताछ की है, क्योंकि विक्रम उसके मेंटर थे और एक्सटॉर्शन मनी को लेकर विवाद था।
विक्रम शर्मा की संपत्ति (देहरादून में 100 करोड़ से ज्यादा) की जांच भी चल रही है।
यह गिरफ्तारी मामले में बड़ा ब्रेकथ्रू मानी जा रही है। STF ने कहा है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी और पूरा राज खुल जाएगा। पुलिस ने दोनों राज्यों में कोऑर्डिनेशन बढ़ा दिया है।
