उत्तराखंड भाजपा कोर ग्रुप बैठक: जेपी नड्डा के साथ 2027 चुनाव रणनीति पर मंथन, मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
उत्तराखंड भाजपा की कोर ग्रुप (कोर कमेटी) बैठक शनिवार (14 फरवरी 2026) को देहरादून के जौलीग्रांट के पास होटल पद्मिनी में हुई। यह बैठक नई संगठनात्मक संरचना के बाद पहली ऐसी महत्वपूर्ण बैठक थी, जिसमें पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए और बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने की।
बैठक की खास बातें और अनुपस्थिति
बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह-प्रभारी रेखा वर्मा मौजूद नहीं थे। महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र में नई टीम बनने वाली है, उसके बाद प्रभारी का फैसला होगा। दुष्यंत गौतम किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त थे, जबकि रेखा वर्मा पश्चिम बंगाल चुनाव कार्य में लगी हैं और उन्होंने जेपी नड्डा से विशेष अनुमति ली थी।
दो पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत भी अनुपस्थित रहे। यह पहली बार हुआ जब कोर ग्रुप बैठक बिना प्रदेश प्रभारी/सह-प्रभारी के पूरी हुई।
हरिद्वार विधायक मदन कौशिक की मौजूदगी खास रही।
शामिल प्रमुख नेता
आपके द्वारा बताए गए अनुसार बैठक में ये नेता मौजूद थे (समाचार स्रोतों से भी यही पुष्टि हुई):
पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री)
महेंद्र भट्ट (प्रदेश अध्यक्ष)
अजेय (संगठन महामंत्री)
त्रिवेंद्र सिंह रावत (हरिद्वार सांसद)
रमेश पोखरियाल निशंक (पूर्व मुख्यमंत्री)
अनिल बलूनी (लोकसभा सांसद)
अजय टम्टा (लोकसभा सांसद)
माला राज्य लक्ष्मी शाह (लोकसभा सांसद)
अजय भट्ट (लोकसभा सांसद)
नरेश बंसल (राज्यसभा सांसद)
कल्पना सैनी (राज्यसभा सांसद)
सतपाल महाराज (कैबिनेट मंत्री)
धन सिंह रावत (कैबिनेट मंत्री)
मदन कौशिक (विधायक, हरिद्वार)
बैठक में हुई प्रमुख चर्चाएं और फैसले
पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, जिसमें केंद्र-राज्य के दर्जनों कार्यक्रम शामिल थे।
7 मार्च से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में सभी मंडलों में प्रशिक्षण अभियान चलेगा। कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक विषयों, चुनावी रणनीति पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें सांसदों को भी भेजा जाएगा।
17 फरवरी को देहरादून में प्रदेश स्तर की प्रशिक्षण वर्ग कार्यशाला होगी। उसी दिन मुख्यमंत्री आवास पर सभी प्रांतीय पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी/सह-प्रभारी के साथ मुख्यमंत्री का संवाद होगा। जिला स्तर पर ग्राउंड फीडबैक तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर रणनीति बनेगी।
23 मार्च को राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर बड़ा कार्यक्रम (मेगा रैली) होगा, जिसमें 1.5-2 लाख कार्यकर्ता शामिल होंगे। पीएम मोदी या गृहमंत्री अमित शाह को शामिल करने की योजना है। इसकी तारीख कोर कमेटी की अगली बैठक में फाइनल होगी।
मोर्चाओं की संयुक्त बैठक मार्च के पहले सप्ताह में होगी, जिसमें आने वाले चुनावों में मोर्चों की भूमिका पर चर्चा होगी।
बूथ मजबूती पर फोकस: खासकर जिन बूथों पर पिछली बार हार हुई, उन्हें मजबूत करने की हिदायत। विधायकों को विशेष निर्देश।
विधायकों की बैठकें संगठन और मुख्यमंत्री स्तर पर होंगी, जहां इंटरनल सर्वे और फीडबैक पर चर्चा होगी।
मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्व बंटवारे पर चर्चा हुई। जेपी नड्डा के सामने आग्रह रखा गया, उन्होंने नोट किया और जल्द परिणाम की उम्मीद जताई। दायित्वों की सूची जल्द जारी होगी।
यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां संगठन मजबूती, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और सरकार की उपलब्धियों को ग्रासरूट तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। जेपी नड्डा ने संगठन को सरकार के साथ बेहतर समन्वय और निचले स्तर तक संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए।
