हाईकमान जो बोलेगा, वही होगा: कर्नाटक CM कुर्सी पर सिद्धारमैया का बड़ा बयान
बेंगलुरु: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों और खींचतान के बीच सीएम सिद्धारमैया ने साफ-साफ बयान दिया है—”हाईकमान जो कहेगा, वही होगा”। उन्होंने मीडिया से बार-बार पूछे जा रहे सवालों पर नाराजगी जताई और कहा कि पार्टी हाईकमान का फैसला अंतिम होगा, और वे उसका पूरी तरह पालन करेंगे।
क्या कहा सिद्धारमैया?
मंगलवार (10 फरवरी 2026) को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा:
“हाईकमान जो भी फैसला लेगा, वह अंतिम होगा। मैं उसका पालन करूंगा।”
“बार-बार एक ही सवाल क्यों पूछ रहे हो? हाईकमान सब जानता है, वे फैसला लेंगे। बेवजह के सवाल मत पूछो।”
उन्होंने दिल्ली जाने की अफवाहों को भी खारिज किया—”मैं तब जाऊंगा, जब हाईकमान बुलाएगा। अभी कोई प्लान नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार दिल्ली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य हाईकमान नेताओं से मिलकर लौटे हैं। शिवकुमार ने भी कहा कि “धैर्य रखने से फायदा होगा” (patience will pay), और हाईकमान उचित समय पर फैसला लेगा। उन्होंने पावर-शेयरिंग या नेतृत्व बदलाव पर चर्चा को नकारा, लेकिन कहा—”समय बताएगा”।
क्यों मची है अटकलें?
2023 चुनाव के बाद सिद्धारमैया को CM बनाया गया था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पावर-शेयरिंग फॉर्मूला था कि आधा टर्म (2.5 साल) बाद शिवकुमार को मौका मिल सकता है।
सरकार नवंबर 2025 में आधे टर्म पर पहुंची, तब से अफवाहें तेज।
कुछ रिपोर्ट्स में 80-90 विधायकों ने हाईकमान से शिवकुमार को CM बनाने की मांग की बताई जा रही है।
सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र ने कहा था कि हाईकमान ने फुल टर्म के लिए हरी झंडी दी है, जिससे शिवकुमार गुट नाराज।
हाल ही में गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी कहा—”यह अफवाहें बंद होनी चाहिए, हाईकमान फैसला लेगा।”
कांग्रेस में क्या माहौल?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान (राहुल, प्रियंका, मल्लिकार्जुन खड़गे) अभी कोई फैसला नहीं लेना चाहते, क्योंकि सरकार स्थिर है और 2028 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। लेकिन अंदरूनी खींचतान से पार्टी को नुकसान का डर है। सिद्धारमैया का बयान अनुशासन दिखाने वाला है, लेकिन शिवकुमार गुट इसे “समय आ गया” के संकेत के तौर पर देख रहा है।
फिलहाल, सबकी नजरें दिल्ली पर टिकी हैं—कब आएगा हाईकमान का फैसला? क्या सिद्धारमैया फुल टर्म पूरा करेंगे, या शिवकुमार को मौका मिलेगा? राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस जारी है!
