करोड़ों किसानों के लिए राहत: KCC में 4 बड़े बदलाव लाएगा RBI, ड्राफ्ट जारी—फीडबैक 6 मार्च तक!
नई दिल्ली: करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में बड़े-बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जो किसानों को ज्यादा लचीलापन, बेहतर लोन अमाउंट और आधुनिक सुविधाएं देंगे। 6 फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति में घोषणा के बाद, RBI ने 12-13 फरवरी को ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कीं, जिनमें 4 प्रमुख बदलाव शामिल हैं। ये बदलाव फरवरी 2026 में आए हैं और फीडबैक के बाद फाइनल हो जाएंगे (फीडबैक की आखिरी तारीख: 6 मार्च 2026)।
यह योजना देश के करोड़ों छोटे-मझोले किसानों को सस्ता और आसान क्रेडिट देती है (अक्सर 4% इंटरेस्ट सब्सिडी के साथ)। नए प्रस्ताव से KCC और मजबूत होगी!
ये हैं 4 बड़े बदलाव:
फसल सीजन का स्टैंडर्डाइजेशन (मानकीकरण)
अब फसलों को दो कैटेगरी में बांटा गया है—
अल्पावधि फसलें (जैसे गेहूं, चावल): 12 महीने का चक्र।
दीर्घावधि फसलें (जैसे गन्ना, कुछ फल): 18 महीने का चक्र।
इससे लोन सैंक्शन और रीपेमेंट शेड्यूल में एकरूपता आएगी, अलग-अलग राज्यों/बैंकों में कन्फ्यूजन कम होगा।
KCC की कुल अवधि बढ़कर 6 साल
पहले KCC की वैलिडिटी कम होती थी, लेकिन अब पूरी फैसिलिटी 6 साल की होगी। यह खासतौर पर लंबी अवधि की फसलों वाले किसानों के लिए फायदेमंद है—लोन चुकाने में ज्यादा समय मिलेगा, डिफॉल्ट का खतरा कम होगा।
ड्रॉइंग लिमिट को स्केल ऑफ फाइनेंस से जोड़ा जाएगा
किसानों को वास्तविक खेती की लागत के हिसाब से पर्याप्त क्रेडिट मिलेगा। हर फसल सीजन के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस (राज्य स्तर पर तय लागत) के आधार पर ड्रॉइंग लिमिट तय होगी। इससे लोन अमाउंट बढ़ सकता है और कमी नहीं रहेगी।
एग्री-टेक और सस्टेनेबल खेती पर खर्च शामिल
अब KCC के तहत मिट्टी टेस्टिंग, रियल-टाइम मौसम फोरकास्ट, ऑर्गेनिक/गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस सर्टिफिकेशन जैसे खर्चों को कवर किया जाएगा। ये खर्च फार्म एसेट्स की मरम्मत/मेंटेनेंस के लिए मिलने वाले अतिरिक्त 20% कंपोनेंट में शामिल होंगे। डिजिटल पेमेंट्स (UPI, डेबिट कार्ड) को भी बढ़ावा, और कुछ मामलों में CBDC (e-Rupee) से लोन डिस्बर्सल का प्रस्ताव।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
2 लाख तक के एग्रीकल्चर/एलायड लोन पर कोलेटरल और मार्जिन फ्री (पहले 1-1.6 लाख था)।
छोटे-मझोले किसानों के लिए इंटरेस्ट कैप और प्रोटेक्शन क्लॉज।
KCC अब कंपोजिट फैसिलिटी बनेगी—शॉर्ट-टर्म क्रॉप लोन, एलाइड एक्टिविटीज, पोस्ट-हार्वेस्ट, हाउसहोल्ड एक्सपेंस, इंश्योरेंस और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट क्रेडिट सब कवर।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फरवरी 2026 पॉलिसी में इसे किसानों की क्रेडिट एक्सेस बढ़ाने का बड़ा कदम बताया। ये बदलाव लागू होने पर किसानों को ज्यादा आसानी से पैसा मिलेगा, खेती में टेक्नोलॉजी आएगी और डिफॉल्ट कम होगा।
अभी ये ड्राफ्ट है—अगर आप किसान हैं या इससे जुड़े हैं, तो 6 मार्च तक सुझाव दे सकते हैं। जल्द ही फाइनल गाइडलाइंस आएंगी!
