तेलंगाना नगर निकाय चुनाव: कांग्रेस की बंपर जीत, BRS को झटका, BJP ने करीमनगर-निजामाबाद में चौंकाया
तेलंगाना के हालिया नगर निकाय चुनावों (म्यूनिसिपल इलेक्शन्स 2026) में सत्ताधारी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है, जो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। ये चुनाव 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के लिए हुए थे, कुल लगभग 2,996 वार्डों में। परिणाम 13 फरवरी 2026 को घोषित हुए, और ये आगामी विधानसभा चुनावों (विशेषकर पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में) से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा बूस्ट हैं।
पार्टियों का वार्ड-वार प्रदर्शन (कुल 2,995-2,996 वार्डों में से घोषित परिणाम)
कांग्रेस (INC): 1,537 वार्ड जीते — स्पष्ट बहुमत और दबदबा।
भारत राष्ट्र समिति (BRS): 781 वार्ड — दूसरे स्थान पर, लेकिन पहले से काफी कमजोर (शहरी क्षेत्रों में पुराना दबदबा खोया)।
भारतीय जनता पार्टी (BJP): 336 वार्ड — अपनी उपस्थिति बढ़ाई, खासकर उत्तरी तेलंगाना में।
अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM): 70 वार्ड (कुछ रिपोर्ट्स में 66-70 के आसपास) — हैदराबाद के बाहर भी प्रभाव दिखाया, जैसे भैंसा, बोधन, नारायणपेट में अच्छा प्रदर्शन।
CPI (मार्क्सवादी): 13 वार्ड।
अन्य पार्टियां: 73 वार्ड।
निर्दलीय: 183 वार्ड (कई जगहों पर hung verdicts में निर्णायक भूमिका)।
कांग्रेस ने 116 नगरपालिकाओं में से 64-84 (विभिन्न रिपोर्ट्स में 70-83 तक) में बहुमत हासिल किया, जबकि 7 नगर निगमों में से 4-6 में मजबूत स्थिति बनाई। BRS को केवल 13-15 नगरपालिकाओं में सफलता मिली, और कोई भी नगर निगम नहीं जीता।
BJP का सरप्राइज प्रदर्शन
BJP ने करीमनगर और निजामाबाद नगर निगमों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंकाया (BJP की पहली ऐसी जीत इन क्षेत्रों में):
करीमनगर: BJP सबसे आगे (करीब 27-30 सीटें)।
निजामाबाद: BJP सबसे आगे (करीब 27-28 सीटें, कुल 60 में)।
ये दोनों जगहों पर BJP के सांसद हैं, जो रणनीतिक जीत है। अन्य जगहों पर भी BJP मजबूत रही, जैसे आदिलाबाद (21), कामारेड्डी (16), निर्मल (13), मेटपल्ली (10) आदि में अच्छी उपस्थिति। महबूबनगर (6), नालगोंडा (4) आदि में भी सेकंड या थर्ड पोजीशन। कुल मिलाकर, BJP ने उत्तरी तेलंगाना में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत की है।
AIMIM का प्रदर्शन
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने हैदराबाद के बाहर भी अच्छा किया, कई नगरपालिकाओं में वार्ड जीते (कुल 70 के आसपास)। ये उनका अब तक का बेहतरीन शहरी प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसने कांग्रेस और BRS दोनों को चुनौती दी।
BRS को बड़ा झटका
पूर्व मुख्यमंत्री KCR की BRS, जो कभी शहरी तेलंगाना में मजबूत थी, अब काफी कमजोर दिखी। एक भी नगर निगम नहीं जीता, और वार्डों में आधे से भी कम प्रदर्शन। पार्टी को अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ेगा।
चुनाव क्या संकेत दे रहे हैं?
कांग्रेस का शहरी समर्थन मजबूत हो रहा है — रेवंत रेड्डी की सरकार को जनता का समर्थन।
BRS का शहरी आधार सिकुड़ रहा है।
BJP उत्तरी इलाकों में बढ़त बना रही है, जो भविष्य में चुनौती दे सकती है।
AIMIM ने अपनी पैठ बढ़ाई।
कुल मिलाकर, वोटरों में बिखराव है, लेकिन कांग्रेस प्रमुख शक्ति बनी हुई है।
ये परिणाम 2026 में होने वाले अन्य चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु आदि) से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। कांग्रेस के लिए ‘गुड न्यूज’, जबकि BJP और AIMIM के लिए भी पॉजिटिव संकेत!
