सोना-चांदी के क्रैश के बीच शेयर बाजार में धमाल: निवेशकों ने कमाए ₹4.55 लाख करोड़, रिलायंस सबसे बड़ा विजेता
सोना-चांदी के क्रैश के बीच शेयर बाजार में धमाल: निवेशकों ने कमाए ₹4.55 लाख करोड़, रिलायंस सबसे बड़ा विजेता
बीते सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को झटका दिया, लेकिन शेयर बाजार ने इसे उल्टा फायदा उठाकर कमाल कर दिखाया। पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में सेंसेक्स टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यूएशन में कुल ₹4.55 लाख करोड़ का जबरदस्त इजाफा हुआ। यह तेजी सेंसेक्स के 2,857 अंकों (3.53%) की बढ़त के साथ आई, जिससे इक्विटी निवेशकों की दौलत में भारी उछाल आया।
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे रही, जिसकी वैल्यू ₹1.41 लाख करोड़ बढ़कर ₹19.63 लाख करोड़ पहुंच गई। अन्य प्रमुख गेनर्स में HDFC बैंक, भारती एयरटेल (₹52,516 करोड़), ICICI बैंक (₹52,477 करोड़), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (₹45,461 करोड़), बजाज फाइनेंस (₹48,660 करोड़), LIC (₹64,926 करोड़) और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल रहे। वहीं TCS और इंफोसिस जैसी आईटी कंपनियों की वैल्यू घटी।
दूसरी तरफ, सोना-चांदी का बाजार पिछले हफ्ते क्रैश हो गया। कीमती धातुओं ने अपने रिकॉर्ड हाई से भारी गिरावट दर्ज की – चांदी में 40-45% तक की गिरावट आई, जबकि सोना भी 15-20% फिसला। MCX पर सोना ₹1.83 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे आया और चांदी ₹4 लाख प्रति किलो से काफी नीचे चली गई। प्रॉफिट बुकिंग, मार्जिन हाइक, मजबूत डॉलर और ग्लोबल अनिश्चितताओं ने इस क्रैश को ट्रिगर किया। गोल्ड-सिल्वर ETF में भी 20% तक की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ।
यह कंट्रास्ट दिखाता है कि कैसे बाजार में रोटेशन होता है – जहां एक एसेट क्लास गिरता है, वहीं दूसरा उछलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी में मजबूत सेंटीमेंट, इंडिया-US ट्रेड डील की उम्मीद और FPI की वापसी ने स्टॉक मार्केट को बूस्ट दिया। फरवरी की शुरुआत में FPI ने ₹8,129 करोड़ का निवेश किया, जो पिछले तीन महीनों की बिकवाली के बाद बड़ा बदलाव है।
निवेशकों के लिए यह सप्ताह मिश्रित रहा – प्रीशियस मेटल्स में नुकसान, लेकिन शेयर बाजार में मुनाफा। आगे क्या होगा, यह ग्लोबल cues और बजट के बाद के ट्रेंड्स पर निर्भर करेगा।
