चीन ने 11 लोगों को एक साथ फांसी दी: कुख्यात ‘मिंग फैमिली’ गैंग से जुड़े, म्यांमार में चलाया था अरबों का स्कैम एम्पायर!
चीन ने 11 लोगों को एक साथ फांसी दी: कुख्यात ‘मिंग फैमिली’ गैंग से जुड़े, म्यांमार में चलाया था अरबों का स्कैम एम्पायर!
बीजिंग/वुजेन: चीन ने आज (29 जनवरी 2026) 11 लोगों को एक साथ फांसी पर लटका दिया – ये सभी कुख्यात मिंग फैमिली क्रिमिनल गैंग के प्रमुख सदस्य थे। ये गैंग म्यांमार के उत्तरी बॉर्डर इलाके (कोकांग और लौक्काइंग) में ऑनलाइन स्कैम सेंटर्स, अवैध जुआघर और मानव तस्करी का विशाल नेटवर्क चला रहा था। राज्य मीडिया (Xinhua, CCTV) ने इसकी पुष्टि की है।
क्या था अपराध?
इन लोगों को सितंबर 2025 में वुजेन (झेजियांग प्रांत) की इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी।
अपराध: इरादतन हत्या (intentional homicide), गैरकानूनी हिरासत, धोखाधड़ी (fraud), अवैध जुआघर चलाना।
इनके स्कैम ऑपरेशंस से 1 अरब डॉलर से ज्यादा (करीब 10 अरब युआन) की कमाई हुई।
14 चीनी नागरिकों की हत्या की गई – ज्यादातर वो लोग जो स्कैम कंपाउंड्स से भागने की कोशिश करते थे या आज्ञा नहीं मानते थे। कई अन्य घायल हुए।
गैंग ने हजारों लोगों को जबरन काम करवाया, मानव तस्करी की, और साइबर फ्रॉड (टेलीकॉम स्कैम) चलाया।
मिंग फैमिली कौन?
मिंग फैमिली म्यांमार के “फोर फैमिलीज” में से एक थी – माफिया जैसी क्राइम सिंडिकेट्स जो कोकांग इलाके में सत्ता और मिलिशिया से जुड़ी हुई थीं।
फैमिली हेड मिंग शुएचांग (Ming Xuechang) ने खुद को हिरासत में आत्महत्या कर ली थी।
फांसी पाने वालों में उनके बेटे मिंग गुओपिंग (Kokang Border Guard Force के लीडर), पोती मिंग झेंझेन, और अन्य प्रमुख सदस्य जैसे झोउ वेइचांग, वू होंगमिंग, लुओ जियानझांग शामिल थे।
2023 में म्यांमार की एथनिक मिलिशिया ने लौक्काइंग पर कब्जा कर लिया और चीन के दबाव में इन गैंग लीडर्स को चीन सौंप दिया।
चीन का सख्त रुख क्यों?
चीन ने पिछले सालों में म्यांमार-बेस्ड स्कैम सेंटर्स पर क्रैकडाउन तेज किया है, क्योंकि ये ज्यादातर चीनी नागरिकों को निशाना बनाते थे।
हजारों चीनी युवा वहां फंसे थे – जबरन काम करवाया जाता था।
ये पहली बार है जब चीन ने म्यांमार-बेस्ड स्कैम बॉसेज को फांसी दी – इसे डिटरेंस मैसेज माना जा रहा है कि क्रॉस-बॉर्डर क्राइम बर्दाश्त नहीं होगा।
सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट ने सजा को अप्रूव किया था।
यह घटना चीन की ट्रांसनेशनल क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को दिखाती है। म्यांमार के साथ सहयोग बढ़ रहा है, लेकिन ऐसे गैंग्स अभी भी चुनौती बने हुए हैं।
