राजनीति

‘4 नहीं, 8 बच्चे पैदा करो कौन रोक रहा है?’: ओवैसी का नवनीत राणा पर तीखा पलटवार, जनसंख्या पर छिड़ा विवाद

‘4 नहीं, 8 बच्चे पैदा करो कौन रोक रहा है?’: ओवैसी का नवनीत राणा पर तीखा पलटवार, जनसंख्या पर छिड़ा विवाद

नई दिल्ली/अकोला, 7 जनवरी 2026: भाजपा नेता नवनीत राणा के ‘हिंदुओं को 3-4 बच्चे पैदा करने’ वाले बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली में राणा का नाम लिए बिना तंज कसा और कहा कि वह खुद 6 बच्चों के पिता हैं, तो राणा क्यों सिर्फ 4 पर रुकें – 8 या 20 बच्चे पैदा करें, कौन रोक रहा है? यह बयान राणा की उस अपील पर आया, जिसमें उन्होंने देश की जनसांख्यिकी को ‘पाकिस्तान जैसा’ बनने से रोकने के लिए हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने की बात कही थी।

ओवैसी ने रैली में कहा, “मेरे छह बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है। किसी ने कहा था कि चार बच्चे होने चाहिए। चार ही क्यों? आठ बच्चे पैदा करो, कौन रोक रहा है?” उन्होंने आगे चुनौती देते हुए कहा, “किसी ने बयान दिया कि मौलाना ने 19 बच्चे पैदा किए। कोई कह रहा है कि चार बच्चे पैदा करो। सभी लोग कह रहे हैं कि और बच्चे पैदा करो। तुम क्यों पैदा नहीं कर रहे? मैं तुम्हें चुनौती देता हूं कि तुम 20 बच्चे पैदा करो। यह कैसा मजाक है?” ओवैसी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के भी बयानों का जिक्र किया, जो ज्यादा बच्चे पैदा करने की वकालत कर चुके हैं।

विवाद की शुरुआत नवनीत राणा के बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था, “कुछ लोगों की कई पत्नियां और कई बच्चे होते हैं, जिससे उनकी जनसंख्या बढ़ती रहती है। इससे निपटने के लिए हिंदुओं से भारत की रक्षा के लिए कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने का आग्रह किया।” राणा ने आगे कहा, “मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि उनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए। मुझे नहीं पता कि वह मौलाना हैं या कोई और, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, लेकिन वे 30 बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाए। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।”

इस बयान पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, “हमें आंकड़ों के मामले में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। भारत की जनसंख्या वृद्धि चिंताजनक है। आरएसएस और भाजपा की इस तरह की बेतुकी सोच का अंत होना चाहिए।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद जनसंख्या नियंत्रण और सांप्रदायिक राजनीति के मुद्दे को फिर से गरमा सकता है, खासकर लोकसभा चुनावों के करीब आते हुए।

ओवैसी के इस तंज ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है, जहां यूजर्स दोनों नेताओं के बयानों पर बहस कर रहे हैं। क्या यह जनसंख्या बहस नई दिशा लेगी या सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बनेगी – आने वाले दिनों में साफ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *