उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बवाल: बेटे दीपक को मंत्री बनाने पर विधायकों का गुस्सा, रामेश्वर महतो बोले- ‘आत्मघाती कदम’
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बवाल: बेटे दीपक को मंत्री बनाने पर विधायकों का गुस्सा, रामेश्वर महतो बोले- ‘आत्मघाती कदम’
पटना, 27 दिसंबर 2025: बिहार की सियासत में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी के चार में से तीन विधायकों ने कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाने पर खुली बगावत कर दी है। दीपक न तो विधायक हैं और न ही एमएलसी, फिर भी उन्हें पंचायती राज मंत्रालय मिला, जबकि पार्टी के जीते हुए विधायकों को दरकिनार कर दिया गया।
सबसे तीखा हमला बजपट्टी से विधायक रामेश्वर महतो ने किया। उन्होंने साफ कहा, “बेटे को मंत्री बनाना आत्मघाती कदम है। पार्टी अध्यक्ष फिर सोच लें—पार्टी बचाएंगे या परिवार?” रामेश्वर ने यह भी आरोप लगाया कि नेतृत्व की नीयत धुंधली हो गई है और केवल परिवार को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, “राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है।”
अन्य दो विधायक माधव आनंद और आलोक सिंह भी नाराज हैं। तीनों विधायक कुशवाहा के लिट्टी-चोखा भोज में नहीं पहुंचे और उसी दिन बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। माधव आनंद ने कहा, “यह परिवारवाद है—कुशवाहा राज्यसभा सांसद, पत्नी विधायक और बेटा मंत्री। हम इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन पार्टी नहीं छोड़ रहे।”
चौथी विधायक कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता हैं, जो चुप हैं। पार्टी में पहले ही कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था। कुशवाहा ने इसे अफवाह बताया, कहा कि पार्टी एकजुट है। लेकिन अटकलें हैं कि अगर तीन विधायक टूटे तो कुशवाहा की राज्यसभा सीट और बेटे का मंत्री पद खतरे में आ सकता है।
क्या आरएलएम में टूट होगी? बीजेपी चुप है, लेकिन नजरें नवीन की मुलाकात पर टिकी हैं। कुशवाहा का ‘पुत्र-मोह’ पार्टी को महंगा पड़ सकता है।
