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यूपी समेत छह राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ी, चुनाव आयोग का राहत भरा फैसला – वोटर लिस्ट अपडेट को मिला अतिरिक्त समय!

यूपी समेत छह राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ी, चुनाव आयोग का राहत भरा फैसला – वोटर लिस्ट अपडेट को मिला अतिरिक्त समय!

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को और लचीला बनाने का बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश समेत तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में SIR की समयसीमा बढ़ा दी गई है। यह कदम फॉर्म सबमिशन और डिजिटाइजेशन की प्रगति को देखते हुए उठाया गया, जहां आज ही UP, TN, GJ, MP, CG और ANI में मूल डेडलाइन खत्म हो रही थी। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह वोटरों को सटीक और समावेशी मतदाता सूची तैयार करने में मदद करेगा।

EC के अनुसार, SIR फेज-2 के तहत 4 नवंबर से शुरू हुई इस प्रक्रिया में 50.99 करोड़ वोटर शामिल हैं। बुधवार तक 50.8 करोड़ फॉर्म्स डिजिटाइज हो चुके थे, लेकिन 23.22 लाख पेंडिंग थे। UP में 15 दिनों का एक्सटेंशन मिला है – अब 31 दिसंबर तक फॉर्म भर सकेंगे। MP में 7 दिन बढ़ाकर 18 दिसंबर, जबकि अन्य राज्यों में 10-15 दिनों की मोहलत दी गई है। इससे पहले केरल को 18 दिसंबर तक एक्सटेंशन मिल चुका था। आयोग ने राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित वोटरों की सूची पहले ही सौंप दी है।

विपक्षी दलों ने पहले इसे “असंभव” टाइमलाइन बताया था। कांग्रेस, TMC, CPI(M) और SP ने आपत्ति जताई कि 16 करोड़ वोटरों की जांच एक महीने में कैसे संभव? SP चीफ अखिलेश यादव ने कहा, “SIR ने वोटरों और BLOs पर बोझ डाला, लेकिन EC ने आखिरकार हकीकत मानी।” EC का यह फैसला 2003 की तरह व्यापक रिविजन की याद दिलाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “विपक्ष झूठ फैला रहा, SIR 1952 से चल रही प्रक्रिया है।”

क्या यह एक्सटेंशन 2026 के चुनावों को प्रभावित करेगा? आयोग का कहना है – नहीं, बल्कि पारदर्शिता बढ़ेगी। वोटर अब https://voters.eci.gov.in पर चेक करें!

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