चार मासूमों की बेरहमी से हत्या: उसी गांव की जेल में कैद साइको किलर पूनम, बैरक में रातें काट रही बेचैनी में
पानीपत। हरियाणा के पानीपत और सोनीपत इलाके को सिहरन पैदा करने वाली साइको किलर पूनम की कहानी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 32 वर्षीय यह महिला, जो एमए और बीएड पास है, बाहर से शांत और साधारण दिखती थी, लेकिन अंदर से इतनी विकृत थी कि उसने दो साल में चार मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। आश्चर्यजनक रूप से, ये बच्चे उसके अपने रिश्तेदारों के थे, और एक हत्या तो उसने अपने ही तीन साल के बेटे शुभम की की। गिरफ्तारी के बाद पूनम को उसी पानीपत जेल में बंद किया गया है, जहां वह पली-बढ़ी – सिवाह गांव के करीब। जेल की बैरक में दो रातों से नींद न आने और बेचैनी के बीच, गांव वाले उसे देखते ही सिहर उठते हैं।
पूनम का जन्म पानीपत के सिवाह गांव में हुआ। 2019 में भावड़ गांव (सोनीपत) के नवीन से शादी के बाद वह ससुराल चली गई। लेकिन उसकी साइकोलॉजिकल दिक्कतें धीरे-धीरे बाहर आने लगीं। पुलिस पूछताछ में पूनम ने कबूल किया कि सुंदर बच्चों को देखकर उसे जलन होती थी। “उनकी खूबसूरती से नफरत हो जाती थी,” उसने कहा। हत्याओं का पैटर्न एक ही था – पानी में डुबोकर मारना। पहली वारदात 13 जनवरी 2023 को हुई, जब उसने अपनी ननद की सात साल की बेटी रितिका (या इशिका) और अपने बेटे शुभम को घर के बाहर बने पांच फीट गहरे पानी के टैंक में डुबो दिया। परिवार ने इसे हादसा मान लिया।
फिर आई दूसरी हत्या – अगस्त 2023 में मायके के सिवाह गांव में चचेरे भाई दीपक की छह साल की बेटी जिया की। पूनम रात में जिया के पास सोई, फिर आधी रात को उसे पशुओं के बाड़े वाली हौद में ले जाकर डुबो दिया। तीसरी हत्या अप्रैल 2025 में नौल्था गांव में हुई, जहां शादी समारोह के दौरान उसने भतीजी की नौ साल की बेटी को नहाते हुए टब में डुबो दिया। कपड़े बदलकर वह भीड़ में घुल-मिल गई। आखिरी वारदात 1 दिसंबर 2025 को नौल्था में ही – मोक्षदा एकादशी के दिन छह साल की विधि की हत्या। CCTV फुटेज में केवल पूनम का आना-जाना दिखा, टब छोटा था, दरवाजा बाहर से बंद।
पुलिस को शक तब हुआ जब विधि की मौत हादसे जैसी न लगी। सीआईए-1 ने 36 घंटे में केस सॉल्व किया। पूछताछ में पूनम टूट गई और बाकी हत्याओं का कबूलनामा दिया। खुलासा हुआ कि वह तांत्रिकों से संपर्क में थी और एकादशी पर हत्याएं करती थी। जेल में पहली रात सामान्य बीती – खाना खाया, सोई, लेकिन दूसरे दिन से बेचैनी शुरू। जेल सूत्रों के मुताबिक, वह कम खा रही है और अफसोस के लक्षण दिखा रही है। परिवार वाले सदमे में हैं – ससुराल ने फांसी की मांग की, मायका वाले काट रहे सन्नाटा।
पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह ने कहा, “यह साइको केस है। हम और हत्याओं की जांच कर रहे हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि जलन और मानसिक विकृति ने पूनम को किलर बना दिया। गांव में अब डर का साया है – क्या ऐसी और साइकोलॉजिकल बीमारियां छिपी हैं? पुलिस ने सलाह दी कि संदिग्ध व्यवहार पर तुरंत रिपोर्ट करें। यह केस महिलाओं में छिपी हिंसा पर सवाल उठा रहा है।
