एलॉन मस्क को बड़ा झटका: X पर EU ने ठोका 1257 करोड़ का फाइन, DSA उल्लंघन की वजह से!
एलॉन मस्क को बड़ा झटका: X पर EU ने ठोका 1257 करोड़ का फाइन, DSA उल्लंघन की वजह से!
नई दिल्ली। टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलॉन मस्क को एक और अंतरराष्ट्रीय झटका लगा है। 5 दिसंबर 2025 को यूरोपीय संघ (EU) ने मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर 120 मिलियन यूरो (लगभग 1257 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना EU के नए डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत पहली बार किसी कंपनी पर लगाया गया है, जो उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और अवैध कंटेंट को रोकने के लिए बनाया गया कानून है।
EU कमिशन की जांच के मुताबिक, X ने DSA के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है। मुख्य वजहें हैं:
ब्लू चेकमार्क सिस्टम का ‘धोखाधड़ी वाला डिजाइन’: मस्क के अधिग्रहण के बाद X ने वेरिफाइड बैज को पेड सर्विस बना दिया। पहले यह सार्वजनिक हस्तियों के लिए फ्री था, लेकिन अब कोई भी पैसे देकर खरीद सकता है। इससे यूजर्स अकाउंट्स की प्रामाणिकता पर भरोसा नहीं कर पाते, जिससे स्कैम, फेक न्यूज और मैनिपुलेशन का खतरा बढ़ जाता है। इस उल्लंघन पर 45 मिलियन यूरो का फाइन लगा।
विज्ञापन रजिस्टर में पारदर्शिता की कमी: X का ऐड रजिस्टर ठीक से काम नहीं कर रहा। इसमें विज्ञापनों की डिजाइन और देरी की वजह से रिसर्चर्स और यूजर्स यह नहीं समझ पाते कि कौन सा ऐड किसने स्पॉन्सर किया है और किसे टारगेट किया गया है। इससे यूजर्स को फाइनेंशियल स्कैम्स का शिकार होने का डर है। इस पर 35 मिलियन यूरो का जुर्माना।
रिसर्चर्स को पब्लिक डेटा एक्सेस न देना: X ने शोधकर्ताओं को सार्वजनिक डेटा तक पहुंच देने में असफल रहा, जो DSA का जरूरी हिस्सा है। इससे हानिकारक कंटेंट और मिसइनफॉर्मेशन की स्टडी मुश्किल हो जाती है। इस उल्लंघन के लिए 40 मिलियन यूरो का फाइन।
यह जांच 2023 से चल रही थी, जब EU ने X पर DSA का पहला केस दर्ज किया था। कमिशनर हेन्ना विर्कुनन ने कहा, “यह फाइन यूजर्स की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। यह सेंसरशिप नहीं, बल्कि कानून का पालन है।” X को अब DSA नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, वरना वैश्विक राजस्व का 6% तक फाइन लग सकता है।
मस्क ने तुरंत प्रतिक्रिया दी – X पर पोस्ट कर कहा, “EU फिर से अमेरिकी कंपनियों को टारगेट कर रहा है। हम लड़ेंगे!” अमेरिकी सरकार ने भी इसे “अमेरिकी बिजनेस के खिलाफ हमला” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फाइन X के लिए वित्तीय बोझ तो है, लेकिन DSA जैसे कानूनों से बिग टेक को और सतर्क रहना पड़ेगा। भारत में भी डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के तहत इसी तरह की जांच हो सकती है। फिलहाल, X ने फाइन चुकाने की पुष्टि की है, लेकिन अपील का रास्ता खुला है।
