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ट्रंप पर हमले की कोशिश से दहला वाशिंगटन: विश्व नेताओं ने एक सुर में की निंदा, कहा- “लोकतंत्र में हिंसा को जगह नहीं”

ट्रंप पर हमले की कोशिश से दहला वाशिंगटन: विश्व नेताओं ने एक सुर में की निंदा, कहा- “लोकतंत्र में हिंसा को जगह नहीं”

​वाशिंगटन डीसी: अमेरिका के वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर’ के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की कोशिश ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इस घातक घटना के बाद वैश्विक मंच पर एकजुटता देखी जा रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के तमाम बड़े नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘लोकतंत्र पर प्रहार’ करार दिया है।

​पीएम मोदी ने जताया संतोष, कहा- “हिंसा का कोई स्थान नहीं”

​भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार की सुरक्षा पर राहत जताई। उन्होंने लिखा, “वाशिंगटन डीसी में हुई सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस को सुरक्षित जानकर सुकून मिला। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।”

​पश्चिमी देशों ने बताया ‘अस्वीकार्य’

​ब्रिटेन: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रेस की स्वतंत्रता पर ऐसा हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हमले को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताते हुए ट्रंप के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

​इटली: प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक नफरत को मुक्त बहस के स्थानों को ज़हर देने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

​इजरायल और एशियाई देशों की कड़ी प्रतिक्रिया

​इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को वैश्विक लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ ट्रंप पर नहीं, बल्कि पूरे अमेरिका और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।” वहीं जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक हिंसा किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती।

​सुरक्षा में भारी सेंध: हमलावर के पास मिला हथियारों का जखीरा

​शनिवार शाम जब हिल्टन होटल के बॉलरूम के बाहर गोलियां चलीं, तब सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को ‘मानव ढाल’ बनाकर सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में की है। जांच में पता चला है कि आरोपी होटल में ही मेहमान बनकर ठहरा था और उसके पास से एक शॉटगन, एक हैंडगन और कई घातक चाकू बरामद हुए हैं।

​दो साल में तीसरा हमला

​डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले दो वर्षों में यह हत्या का तीसरा प्रयास है। इससे पहले जुलाई 2024 में पेंसिलवेनिया और सितंबर 2024 में फ्लोरिडा में भी उन्हें निशाना बनाया गया था। ताजा घटना ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और शीर्ष नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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