अन्तर्राष्ट्रीय

​मध्य पूर्व संकट: कूटनीति का ‘अड्डा’ बना पाकिस्तान; ईरान के विदेश मंत्री की इस्लामाबाद-मस्कट के बीच ‘मैराथन’ दौड़

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक दिलचस्प कूटनीतिक मोड़ ले चुका है, जिसमें पाकिस्तान ‘सेंटर स्टेज’ पर है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की रहस्यमयी यात्राओं और डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख ने इस मामले को वैश्विक चर्चा का विषय बना दिया है।

​मध्य पूर्व संकट: कूटनीति का ‘अड्डा’ बना पाकिस्तान; ईरान के विदेश मंत्री की इस्लामाबाद-मस्कट के बीच ‘मैराथन’ दौड़

​इस्लामाबाद/वाशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच मंडराते युद्ध के बादलों को छांटने की कोशिशें अब पूरी तरह फिल्मी और पेचीदा हो गई हैं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का केंद्र फिलहाल पाकिस्तान बना हुआ है, जहाँ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 घंटे के भीतर दो बार इस्लामाबाद पहुंचे हैं। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पहले प्रस्ताव को ठुकराते हुए अपनी कूटनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली है।

​अराघची की शटल डिप्लोमेसी: मस्कट से फिर लौटे इस्लामाबाद

​ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की सक्रियता ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके पिछले 48 घंटों का घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:

​पहली यात्रा: अराघची सबसे पहले पाकिस्तान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पीएम शाहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर से गहन चर्चा की।

​मस्कट कनेक्शन: इसके बाद वे तुरंत ओमान की राजधानी मस्कट रवाना हुए, जो दशकों से ईरान और पश्चिम के बीच ‘बैक-चैनल’ मध्यस्थ रहा है। वहाँ उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की।

​अचानक वापसी: मस्कट में सुल्तान से मिलने के बाद अराघची रविवार को वापस इस्लामाबाद लौट आए। वर्तमान में वे आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ दूसरे दौर की विस्तृत चर्चा (Detailed Discussion) कर रहे हैं।

​अगला पड़ाव: इस्लामाबाद से अराघची सीधे रूस के लिए उड़ान भरेंगे, जो इस पूरे विवाद में ईरान का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है।

​ईरान की टीम में हलचल

​अराघची की टीम का एक हिस्सा मस्कट से ही वापस तेहरान (ईरान) लौट गया है। माना जा रहा है कि यह टीम ईरान की ‘टॉप लीडरशिप’ को अब तक हुई बातचीत का ब्योरा देगी और ट्रंप के ताजा रुख के बाद नए ‘नेगोशिएशन पॉइंट्स’ लेकर वापस जुड़ेगी।

​ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’: दौरा रद्द करते ही ईरान के तेवर बदले

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ‘डील-मेकिंग’ कला का प्रदर्शन किया है। पहले यह तय था कि ट्रंप के शांति दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान में ईरानी नुमाइंदों से मिलेंगे, लेकिन ट्रंप ने आखिरी वक्त पर यह दौरा रद्द कर दिया।

​फॉक्स न्यूज से बातचीत: ट्रंप ने स्पष्ट कहा, “बिना किसी ठोस नतीजे के वहां बैठकर गप्पे लड़ाने का कोई मतलब नहीं है।”

​नया प्रस्ताव: ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने जैसे ही दौरा रद्द करने का ऐलान किया, उसके महज 10 मिनट के भीतर ईरान की तरफ से एक ‘नया और बहुत बेहतर’ प्रस्ताव आ गया। ट्रंप ने पहले प्रस्ताव को अमेरिका के लिए नाकाफी बताया था।

​पाकिस्तान की भूमिका क्यों है अहम?

​ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत की कमी के कारण पाकिस्तान एक ‘न्यूट्रल ग्राउंड’ के रूप में उभर रहा है। जनरल आसिम मुनीर की इस पूरी कूटनीति में भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पाकिस्तान के पास ईरान के साथ सीमा साझा करने और अमेरिका के साथ सैन्य संबंध होने का अनूठा लाभ है।

​निष्कर्ष: अराघची की रूस यात्रा और ट्रंप को मिले नए ईरानी प्रस्ताव के बाद अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहा यह तनाव स्थायी शांति की ओर बढ़ेगा या यह केवल वक्त काटने की एक कूटनीतिक चाल है।

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