ओडिशा: राजगंगपुर की टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पूरे इलाके में दहशत
ओडिशा के राजगंगपुर में रविवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। एक टायर मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को काले धुएं की चादर से ढक दिया। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण इस आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसे बुझाने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ओडिशा: राजगंगपुर की टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पूरे इलाके में दहशत
पड़ाजामपाली स्थित इस टायर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब फैक्ट्री की लपटें और काला धुआं आसमान में मीलों दूर से दिखाई देने लगा।
1. आग की भयावहता और त्वरित कार्रवाई
कारण: रबर और टायर अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट में फैल गई।
पुलिस का घेरा: राजगंगपुर पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से तुरंत इलाके को सील कर दिया और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी।
अधिकारी मौके पर: राहत कार्यों की गंभीरता को देखते हुए IIC और SDPO स्वयं मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे।
2. विशेष फोम और दमकल अभियान
आग इतनी जबरदस्त थी कि केवल पानी से उस पर काबू पाना संभव नहीं था:
दमकल की तैनाती: शुरुआत में 3 गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन बाद में कुल 7 दमकल गाड़ियों ने मोर्चा संभाला।
राउरकेला से मदद: टायर की आग को बुझाने के लिए विशेष रूप से राउरकेला से ‘स्पेशल फायर फोम’ मंगवाया गया, जिससे लपटों को नियंत्रित करने में सफलता मिली।
3. स्थानीय लोगों पर असर
फैक्ट्री से उठने वाला जहरीला काला धुआं आसपास की कॉलोनियों के लिए मुसीबत बन गया:
स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें: लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की।
प्रशासनिक सलाह: प्रशासन ने लोगों को घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखने और मास्क पहनने की अपील की है।
4. जांच और नुकसान का आकलन
संभावित कारण: प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या किसी केमिकल रिएक्शन को माना जा रहा है।
अगला कदम: आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद फॉरेंसिक टीम और फायर विभाग विस्तृत जांच शुरू करेंगे। फैक्ट्री को हुए आर्थिक नुकसान का अंदाजा जांच के बाद ही लग पाएगा।
अपडेट: दमकलकर्मियों की घंटों की कड़ी मेहनत और फोम के इस्तेमाल के बाद फिलहाल आग की लपटों को फैलने से रोक लिया गया है। स्थिति अब धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है।
