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माली में आतंकी संगठनों का बड़ा समन्वित हमला, रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा की मौत

माली में आतंकी संगठनों का बड़ा समन्वित हमला, रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा की मौत

(पश्चिम अफ्रीका में सुरक्षा संकट गहराया, junta सरकार को बड़ा झटका)

बामाको, 26 अप्रैल 2026: माली में शनिवार को अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन JNIM (जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन) और तुआरेग अलगाववादी समूह Azawad Liberation Front (FLA) ने देशभर में समन्वित हमले किए। इन हमलों में देश के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा की हत्या हो गई।7e921e

हमलावरों ने राजधानी बामाको समेत कई शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्री का आवास, जो काटी (Kati) के सख्त सुरक्षा वाले सैन्य इलाके में स्थित था, एक आत्मघाती कार बम हमले का शिकार बना। धमाके में उनकी दूसरी पत्नी की भी मौत हो गई। घर पूरी तरह तबाह हो गया।66ce18

सुरक्षा सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में कई जगहों पर गोलीबारी और विस्फोट हुए। कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं। माली की सैन्य junta के नेता जनरल असिमी गोइता सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन कैमारा की मौत से सेना की कमान और रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

सादियो कैमारा कौन थे?

जनरल सादियो कैमारा माली की सैन्य सरकार के प्रमुख चेहरे थे। 2020-2021 के दो तख्तापलट के बाद बनी junta में उन्होंने रक्षा मंत्री के रूप में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फ्रांस की सेना को देश से बाहर करने और रूसी सैन्य सहायता (वैगनर ग्रुप/रूसी मर्सेनरीज) लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। कैमारा को रूस का करीबी माना जाता था और वे पश्चिमी देशों की बजाय रूस के साथ मजबूत साझेदारी के पक्षधर थे।d957b4

उनकी मौत को junta सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे सेना की कठोर नीतियों और आतंकियों के खिलाफ अभियानों के प्रमुख रणनीतिकार थे।

हमले की पृष्ठभूमि

यह हमला माली में लंबे समय से चल रही अस्थिरता का हिस्सा है। देश के उत्तरी इलाकों में तुआरेग विद्रोही और इस्लामिक आतंकी समूह सक्रिय हैं। हाल के महीनों में किदाल (Kidal) जैसे इलाकों में भी लड़ाई बढ़ी है। JNIM और FLA ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।

माली सरकार ने हमलों का मुकाबला करने का दावा किया है, लेकिन स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में रूसी बलों के पीछे हटने और विद्रोहियों के कुछ इलाकों पर कब्जे की भी बात कही जा रही है।

भारतीय दूतावास ने माली में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है और सतर्क रहने की सलाह दी है।

यह घटना साहेल क्षेत्र (Sahel) में बढ़ते आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता को फिर रेखांकित करती है। आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

(सभी जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सुरक्षा सूत्रों पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल सकती है।)

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