राजनीति

AAP में बड़ा विद्रोह: ‘राघव चड्ढा गद्दार है’ के नारे, मुंबई में सांसद के घर के बाहर कार्यकर्ताओं का हंगामा

AAP में बड़ा विद्रोह: ‘राघव चड्ढा गद्दार है’ के नारे, मुंबई में सांसद के घर के बाहर कार्यकर्ताओं का हंगामा

(खार में विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया – AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने का तीखा विरोध)

मुंबई, 26 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) में भारी बगावत के बाद मुंबई के खार इलाके में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए – “राघव चड्ढा गद्दार है”, “पंजाब के गद्दार” और पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए प्लेकार्ड्स दिखाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुआ, लेकिन बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

यह हंगामा शुक्रवार को AAP के सात राज्यसभा सांसदों – राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता – के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा के बाद हुआ है। AAP ने इसे “गद्दारी” करार दिया है, जबकि चड्ढा समेत विद्रोही नेताओं ने पार्टी में “भ्रष्टाचार और समझौता” का आरोप लगाया है।

मुंबई प्रदर्शन की तस्वीर

कार्यकर्ता 16वीं रोड, खार (वेस्ट) स्थित चड्ढा के आवास के बाहर इकट्ठा हुए।

AAP मुंबई की आधिकारिक सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए गए, जिसमें कार्यकर्ता नारेबाजी करते और प्लेकार्ड्स थामे दिख रहे हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व रुबेन मास्कारेन्हास समेत स्थानीय नेताओं ने किया।

मुंबई पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखते हुए कई कार्यकर्ताओं को खार पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाया गया।

AAP का रिएक्शन

पार्टी नेताओं ने इन सांसदों को “पंजाब के गद्दार” बताया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये लोग पंजाबी नहीं, बल्कि पंजाब के साथ गद्दारी करने वाले हैं। AAP ने सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड वीडियो भी शेयर किए, जिसमें चड्ढा को अमित शाह के साथ दिखाया गया। दिल्ली और पंजाब में भी पुतले फूंके गए तथा घरों की दीवारों पर “गद्दार” लिखा गया।

राघव चड्ढा का जवाब

चड्ढा ने AAP पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने डर से नहीं, बल्कि पार्टी से “निराशा और घृणा” के कारण इस्तीफा दिया। उन्होंने पार्टी को “भ्रष्ट और समझौता करने वाली” बताया। विद्रोही नेताओं का दावा है कि दो-तिहाई सांसदों के साथ “मर्जर” होने से एंटी-डिफेक्शन कानून लागू नहीं होता।

यह घटना AAP के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले। पार्टी के अंदर कलह बढ़ गई है और विपक्ष इसे “AAP के टूटने” का संकेत बता रहा है।

मुंबई पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आगे क्या होता है – यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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