राष्ट्रीय

​प्रधानमंत्री संग्रहालय में AI क्रांति: अब गांधी और वाजपेयी से करें सीधी बात

प्रधानमंत्री संग्रहालय (PM Museum), दिल्ली अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए इतिहास के नायकों को पुनर्जीवित करने जा रहा है। जल्द ही यहां आने वाले दर्शक महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्वों से ‘सीधे संवाद’ कर पाएंगे।

​प्रधानमंत्री संग्रहालय में AI क्रांति: अब गांधी और वाजपेयी से करें सीधी बात

​दिल्ली के नेहरू मेमोरियल परिसर स्थित इस संग्रहालय में तकनीक और इतिहास का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

​1. हाइपर-रियलिस्टिक 3D अवतार

​संग्रहालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के AI-आधारित ‘हाइपर-रियलिस्टिक’ 3D अवतार स्थापित किए जा रहे हैं।

​अनुभव: ये अवतार इतने जीवंत होंगे कि दर्शकों को लगेगा वे वास्तव में उनके सामने खड़े हैं।

​संवाद: दर्शक इन अवतारों से प्रश्न पूछ सकेंगे और उनके विचारों को उन्हीं की आवाज और शैली में सुन सकेंगे।

​समय सीमा: संग्रहालय के निदेशक अश्विनी लोहानी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट मई 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।

​2. पहले से मौजूद AI नायक

​इससे पहले संग्रहालय में सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के AI अवतारों को सफलतापूर्वक पेश किया जा चुका है, जिन्हें पर्यटकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।

​3. दिव्यांगों के लिए ‘स्मार्ट ग्लास’ तकनीक

​संग्रहालय समावेशी अनुभव की दिशा में भी काम कर रहा है:

​दृष्टिबाधित आगंतुकों के लिए: विशेष ‘स्मार्ट ग्लास’ विकसित किए जा रहे हैं।

​विशेषता: यह चश्मा सामने मौजूद वस्तु या व्यक्ति को पहचान कर उसका ऑडियो विवरण देगा, जिससे दृष्टिबाधित लोग भी संग्रहालय का पूरा आनंद ले सकेंगे।

​4. संग्रहालय के अन्य प्रमुख आकर्षण

​प्रधानमंत्री संग्रहालय केवल गैलरी तक सीमित नहीं है, यहाँ कई हाई-टेक अनुभव उपलब्ध हैं:

​वर्चुअल हेलीकॉप्टर राइड: इसमें बैठकर पर्यटक अटल टनल और चेनाब ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को ऊपर से देखने का अहसास कर सकते हैं।

​होलोबॉक्स: AI बेस्ड होलोबॉक्स के जरिए नेताओं के जीवन को इंटरैक्टिव तरीके से पेश किया गया है।

​सुरक्षा गैलरी: यहाँ भारतीय सशस्त्र बलों की शौर्य गाथा और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन है।

​नई सुविधाएं: हाल ही में यहाँ ‘फॉरेस्ट टेबल’ नामक फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट और आधुनिक कैफेटेरिया भी शुरू किया गया है।

​5. पर्यटकों का बढ़ता आकर्षण

​संग्रहालय ने 14 अप्रैल को अपने सफल चार वर्ष पूरे किए हैं। इसके आंकड़े इसकी लोकप्रियता को दर्शाते हैं:

​कुल आगंतुक (2025-26): 6.4 लाख से अधिक।

​प्रतिदिन औसत: लगभग 1400 से 1500 लोग।

​निष्कर्ष: पुरानी विरासत (नेहरू जी का निवास) और नई इमारत का यह संगम अब AI तकनीक के माध्यम से इतिहास को केवल ‘देखने’ की जगह ‘महसूस’ करने का मंच बन गया है।

​भविष्य में आप किस ऐतिहासिक व्यक्तित्व का AI अवतार इस संग्रहालय में देखना पसंद करेंगे?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *