पुलवामा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनआईए कोर्ट के वारंट पर दुकान पर छापेमारी, अलगाववादी पोस्टर और प्रतिबंधित साहित्य जब्त
पुलवामा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एनआईए कोर्ट के वारंट पर दुकान पर छापेमारी, अलगाववादी पोस्टर और प्रतिबंधित साहित्य जब्त
श्रीनगर। जम्मू-कशमीर के पुलवामा जिले में पुलिस ने आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए एक दुकान पर छापेमारी की। एनआईए कोर्ट के सर्च वारंट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (JKDFP) के पोस्टर और साहित्य जब्त किया गया। यह ऑपरेशन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हाल के आतंकी घटनाक्रमों के बाद और भी प्रासंगिक हो गया है।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी पुलवामा के एक स्थानीय दुकानदार मोहम्मद आमिर राठर की दुकान पर की गई। दुकान से JKDFP से जुड़े कई उत्तेजक पोस्टर बरामद हुए, जो अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले थे। ये सामग्री अवैध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाली मानी जा रही है। जब्त सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, और दुकान मालिक से पूछताछ जारी है। एसएसपी पुलवामा ने कहा, “यह कार्रवाई एनआईए कोर्ट के आदेश पर की गई है। हम किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
यह घटना जम्मू-कश्मीर में बैन संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और जम्मात-ए-इस्लामी (JeI) के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। नवंबर 2025 में पुलवामा सहित कश्मीर घाटी के कई जिलों में 300 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए थे, जहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, दस्तावेज और साहित्य जब्त किए गए। JeI पर UAPA के तहत बैन है, और पुलिस का दावा है कि ये संगठन युवाओं में कट्टरता फैला रहे हैं। हाल ही में साउथ कश्मीर में JeI से जुड़े कई सदस्यों को हिरासत में लिया गया, जो आतंकी मॉड्यूल्स से लिंक थे।
जानकारों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयां क्षेत्र में टेरर इकोसिस्टम को तोड़ने में मदद करेंगी। पुलवामा, जहां 2019 का पुलवामा अटैक हुआ था, हमेशा हाई अलर्ट पर रहता है। पुलिस ने अपील की है कि नागरिक संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। फिलहाल, जांच जारी है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देश पर होगी। यह घटना कश्मीर में शांति स्थापना के प्रयासों को मजबूत करने का संकेत दे रही है।
