राजनीति

संसद में मास्क पहनकर हंगामा! प्रदूषण पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, सदन बार-बार स्थगित

संसद में मास्क पहनकर हंगामा! प्रदूषण पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, सदन बार-बार स्थगित

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन (3 दिसंबर 2025) विपक्ष ने दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गैस मास्क पहनकर संसद भवन में प्रवेश किया, जो पूरे देश में वायरल हो गया। यह प्रदर्शन वर्तमान में ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुके वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खिलाफ था, जहां अक्षरधाम पर 405, AIIMS के पास 420 और बुराड़ी पर 396 तक स्तर दर्ज किया गया। विपक्ष ने प्रदूषण पर तत्काल बहस की मांग की, लेकिन सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो गई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, डीएमके की कनिमोझी और कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई सांसद मकर द्वार पर मास्क लगाकर नजर आए। चैंटिंग के साथ ‘Pollution Hatao, Sansad Sunwao’ के नारे लगे। प्रियंका गांधी ने कहा, “दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं बची। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। संसद को प्रदूषण पर बहस करनी चाहिए।” दीपेंद्र हुड्डा ने पीएम मोदी से अपील की, “केंद्र राज्यों पर दोषारोपण बंद करे। हरियाणा, पंजाब, यूपी, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की समिति बने, बजट के साथ प्लान तैयार हो। लाखों लोग प्रभावित हैं।”

यह प्रदर्शन SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मतदाता सूची संशोधन, रेड फोर्ट विस्फोट और लेबर कोड्स जैसे मुद्दों पर चल रहे हंगामे का हिस्सा था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्ष ने वेल में घुसकर नारेबाजी की, जिससे सदन 20 बार रूल 267 के तहत स्थगित हुए। विपक्ष ने लेबर कोड्स के खिलाफ भी संसद परिसर में धरना दिया। प्रियंका ने तंज कसा, “पीएम मौसम सुहावना बता रहे हैं, लेकिन हवा जहरीली है। सरकार कुछ बोलने को तैयार नहीं।”

सरकार ने इसे ‘ड्रामा’ करार दिया। पीएम मोदी ने कहा, “विपक्ष संसद चलने नहीं देना चाहता।” बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अनुशासन बनाए रखने की अपील की। हालांकि, SIR पर अगले हफ्ते बहस का ऐलान हो चुका है, जो 150 वर्षों के ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा के बाद होगी।

विपक्ष का कहना है कि यह संसद का सबसे छोटा सत्र (1-19 दिसंबर) है, फिर भी सरकार असली मुद्दों से भाग रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण पर बहस जरूरी है, क्योंकि WHO के 50 के मानक से कहीं ऊपर AQI स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहा है। वायरल वीडियो में सांसदों को मास्क के साथ संघर्ष करते देखा गया, जो जनता की चिंता को उजागर करता है। क्या सरकार प्रदूषण पर कदम उठाएगी? विपक्ष ने चेतावनी दी कि सुधार न होने पर हंगामा जारी रहेगा।

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