सिद्धारमैया या शिवकुमार? कर्नाटक CM पद पर खींचतान चरम पर, ‘गुप्त सौदे’ का भांडा फूटा – जाने पूरा मामला
सिद्धारमैया या शिवकुमार? कर्नाटक CM पद पर खींचतान चरम पर, ‘गुप्त सौदे’ का भांडा फूटा – जाने पूरा मामला
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब खुले आम सामने आ गई है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के “5-6 नेताओं के बीच सीक्रेट डील” वाले बयान ने हड़कंप मचा दिया है। दूसरी तरफ सीएम सिद्धारमैया पूरे 5 साल कार्यकाल पूरा करने पर अड़े हैं। हाईकमान खड़गे-राहुल-सोनिया की तिकड़ी फैसला करने दिल्ली में जुट चुकी है। जानिए 10 पॉइंट्स में पूरा विवाद:
2023 का गुप्त समझौता: चुनाव जीतने के बाद दिल्ली में खड़गे के घर पर कथित तौर पर 5-6 नेताओं के बीच सौदा हुआ था – सिद्धारमैया पहले 2.5 साल, उसके बाद शिवकुमार को CM पद।
2.5 साल पूरे: 20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे हुए। शिवकुमार गुट ने इसे “पावर शेयरिंग का समय” बताकर दावा ठोका।
शिवकुमार का बम: सोमवार को कनकापुरा में शिवकुमार बोले, “यह सीक्रेट डील है, सार्वजनिक नहीं कह सकता, वरना पार्टी कमजोर होगी।”
सिद्धारमैया का पलटवार: मंगलवार को सीएम ने कहा, “हाईकमान को कन्फ्यूजन खत्म करना चाहिए। मैं 5 साल पूरा करूंगा।”
दिल्ली में MLAs की लॉबिंग: पिछले 10 दिनों में शिवकुमार गुट के 16 विधायक दिल्ली पहुंच चुके। 6 और जाने वाले हैं।
हाईकमान की तिकड़ी सक्रिय: खड़गे ने कहा, “सोनिया, राहुल और मैं बैठकर फैसला करेंगे। सार्वजनिक बहस नहीं चलेगी।”
सोनिया vs राहुल?: सूत्रों के मुताबिक सोनिया शिवकुमार के पक्ष में, राहुल स्थिरता के लिए सिद्धारमैया को चाहते हैं।
कैबिनेट रीशफल का प्रस्ताव: सिद्धारमैया गुट पूरे कार्यकाल के बदले बड़े कैबिनेट फेरबदल की पेशकश कर रहा है।
विपक्ष का तंज: BJP बोली – “कांग्रेस में CM की कुर्सी के लिए मारामारी, जनता भुगत रही है।”
1 दिसंबर तक फैसला संभव: हाईकमान ने सभी पक्षों को दिल्ली तलब किया है। अगले हफ्ते तक साफ हो जाएगा कि कर्नाटक का अगला CM कौन बनेगा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर समझौता टूटा तो पार्टी में बगावत हो सकती है। कर्नाटक कांग्रेस का यह संकट 2028 चुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। फिलहाल सस्पेंस बरकरार है – सिद्धारमैया या शिवकुमार?
