उत्तराखंड

उत्तराखंड में सांस लेना हो रहा दुश्कर: AQI ‘Poor’ स्तर पर पहुंचा, देहरादून में 115 तक उछला प्रदूषण

उत्तराखंड में सांस लेना हो रहा दुश्कर: AQI ‘Poor’ स्तर पर पहुंचा, देहरादून में 115 तक उछला प्रदूषण

दिल्ली-मुंबई की तरह अब उत्तराखंड में भी प्रदूषण का साया मंडरा रहा है। सर्दियों की शुरुआत में राज्य का औसत AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 154 (Unhealthy) तक पहुंच गया है, जबकि राजधानी देहरादून में यह 115 (Poor) स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और AQI.in के आंकड़ों के अनुसार, PM2.5 का स्तर 40 µg/m³ और PM10 55 µg/m³ हो गया है, जो WHO के मानकों से कई गुना ऊपर है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘सांस लेना दुश्कर’ वाली स्थिति पैदा कर रहा है, खासकर अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए।

देहरादून में मंगलवार रात सबसे खराब AQI 197 (Poor) रिकॉर्ड किया गया, जो सुबह घटकर 79 (Moderate) रह गया। लेकिन दोपहर तक फिर 115 पर पहुंच गया। राज्य के अन्य इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं – नैनीताल में 68 (Moderate), डांडा में 92 (Moderate), जबकि कुल मिलाकर PM2.5 100 µg/m³ (Unhealthy) है। प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों का धुआं, पराली जलाना, निर्माण कार्य और ठंडी हवाओं से ट्रैपिंग है। IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों में हवा की गति कम रहने से स्थिति और बिगड़ सकती है। तापमान 12°C के आसपास होने से धुंध भी बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने चेतावनी दी, “AQI 100 से ऊपर होने पर सांस की तकलीफ, खांसी और आंखों में जलन हो सकती है। बच्चे, बुजुर्ग और संवेदनशील लोग घर से बाहर न निकलें। N95 मास्क पहनें, AC में HEPA फिल्टर यूज करें।” उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सलाह दी कि आउटडोर एक्टिविटी कम करें, पेड़ लगाएं और वाहनों की जांच कराएं। राज्य सरकार ने स्कूलों में इंडोर गेम्स की सिफारिश की है।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “पहाड़ों की ताजी हवा अब जहरीली हो गई!” दिल्ली के AQI 373 के मुकाबले उत्तराखंड अभी ‘Poor’ पर है, लेकिन अगर बारिश न हुई तो ‘Unhealthy’ में शिफ्ट हो सकता है। विशेषज्ञों ने GRAP-1 जैसे उपायों की मांग की है। फिलहाल, राज्यवासी सांसों पर मास्क लगाकर जी रहे हैं – सर्दी का असली ‘संकट’ शुरू हो चुका है।

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