बिहार में महिलाओं के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 10 हजार रुपये लौटाने की जरूरत नहीं—सरकार ने साफ किया, ‘यह कर्ज नहीं, अनुदान है’
बिहार में महिलाओं के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 10 हजार रुपये लौटाने की जरूरत नहीं—सरकार ने साफ किया, ‘यह कर्ज नहीं, अनुदान है’
बिहार की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। 1 नवंबर 2025 को बिहार सरकार ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) के तहत महिलाओं को दिए गए 10,000 रुपये किसी कर्ज (लोन) के रूप में नहीं, बल्कि पूर्ण अनुदान (ग्रांट) हैं। इन्हें कभी भी वापस करने की कोई जरूरत नहीं है। यह ऐलान सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों—जैसे ‘रोजगार न चलाने पर पैसे लौटाने होंगे’—को खारिज करने के लिए आया, जिससे कई लाभार्थी महिलाएं चिंतित हो रही थीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह राशि स्वरोजगार शुरू करने के लिए दी जाती है, और इसे वापस मांगने का कोई प्रावधान नहीं।aa4e8bc66918cf8c3e
योजना का उद्देश्य और लाभ
क्या है योजना?: सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुभारंभित यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। इसका फोकस जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को छोटे व्यवसाय (जैसे सिलाई, किराना दुकान, पशुपालन) शुरू करने में मदद करना है। पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये सीधे बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से भेजे जाते हैं।
अतिरिक्त सहायता: यदि महिला 6 महीने तक व्यवसाय सफलतापूर्वक चलाती है, तो समीक्षा के बाद 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय मदद मिल सकती है—यह भी अनुदान ही है, कर्ज नहीं।
पात्रता: बिहार की 18-60 वर्ष की विवाहित महिलाएं, जो जीविका SHG से जुड़ी हों। परिवार में कोई सरकारी नौकरी या इनकम टैक्स दायरा न हो। एक परिवार से एक ही महिला लाभ ले सकती है। आवेदन mmry.brlps.in पर या नजदीकी जीविका केंद्र से।
अब तक का प्रभाव: 1.5 करोड़ महिलाओं को लाभ
योजना शुरू होने के बाद से 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं, कुल 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा। छठी किस्त 31 अक्टूबर 2025 को जारी हुई, और बाकी पात्र महिलाओं को जल्द मिलेगी।
सरकार का दावा: यह ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी है, जिससे 2 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सीएम नीतीश ने कहा, “यह कर्ज नहीं, सम्मान है—महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम।”
अफवाहों पर सफाई और चेतावनी
सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज—जैसे ‘रोजगार न चले तो 10,000 लौटाओ’—फर्जी हैं। लाभार्थी mmry.brlps.in पर पेमेंट स्टेटस चेक कर सकती हैं। यदि समस्या हो, तो हेल्पलाइन या जीविका केंद्र से संपर्क करें। यह योजना 2025 बिहार चुनाव से पहले महिलाओं के वोट बैंक को मजबूत करने का हिस्सा लगती है।
यह ऐलान बिहार की महिलाओं को नई उम्मीद दे रहा है।
