फोन आने पर नंबर के साथ दिखेगा कॉलर का नाम: TRAI ने DoT के CNAP प्रपोजल को दी मंजूरी
फोन आने पर नंबर के साथ दिखेगा कॉलर का नाम: TRAI ने DoT के CNAP प्रपोजल को दी मंजूरी
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने दूरसंचार विभाग (DoT) के कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब मोबाइल फोन पर इनकमिंग कॉल के दौरान नंबर के साथ कॉलर का वेरीफाइड नाम डिफॉल्ट रूप से दिखाई देगा। यह सुविधा स्पैम, फ्रॉड और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को रोकने के लिए शुरू की जा रही है।
CNAP कैसे काम करेगी?
– कॉलर का नाम SIM रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए KYC दस्तावेज (जैसे आधार या अन्य ID) के आधार पर दिखेगा।
– यह ट्रूकॉलर जैसी थर्ड-पार्टी ऐप्स का विकल्प है, जो क्राउडसोर्स्ड डेटा पर निर्भर होती हैं।
– डिफॉल्ट चालू रहेगी, लेकिन यूजर्स इसे ऑप्ट-आउट करके बंद कर सकेंगे।
– CLIR (कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन) वाले यूजर्स (जैसे खुफिया अधिकारी, VIPs) का नाम नहीं दिखेगा।
लॉन्च प्लान:
– 4G और 5G नेटवर्क्स पर तुरंत शुरू, 2G/3G पर बाद में (टेक्निकल अपग्रेड के बाद)।
– DoT ने टेलीकॉम कंपनियों (जियो, एयरटेल, VI, BSNL) को **एक सप्ताह में कम से कम एक सर्किल** में ट्रायल शुरू करने का निर्देश दिया।
– पैन-इंडिया रोलआउट मार्च 2026 तक।
– नए फोन्स में 6 महीने बाद अनिवार्य सपोर्ट।
फायदे:
– फ्रॉड कॉल्स (डिजिटल अरेस्ट, फाइनेंशियल स्कैम) पर लगाम।
– यूजर्स जानबूझकर कॉल लें सकेंगे।
– बिजनेस/टेलीमार्केटर्स वेरीफाइड ट्रेड नेम दिखा सकेंगे।
TRAI ने फरवरी 2024 में ऑप्ट-इन सुझाया था, लेकिन DoT के डिफॉल्ट ऑप्ट-आउट सुझाव पर सहमत हो गया। यह डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।
