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तुलसी विवाह 2025: विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए करें ये 5 सरल उपाय

तुलसी विवाह 2025: विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए करें ये 5 सरल उपाय

कार्तिक मास की एकादशी को मनाया जाने वाला तुलसी विवाह इस वर्ष 4 नवंबर को है। यह पर्व भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप और माता तुलसी के विवाह का प्रतीक है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पूजन से विवाह संबंधी बाधाएं, कुंडली दोष और ग्रह बाधाएं दूर होती हैं। विशेषकर मांगलिक दोष, कुंडली मिलान में समस्या या विवाह में देरी वाले जातकों के लिए यह पर्व वरदान सरीखा है।

तुलसी विवाह पर करें ये 5 आसान उपाय:

1. तुलसी-शालिग्राम विवाह विधि:

घर में तुलसी जी और शालिग्राम की मूर्ति स्थापित करें। सुबह स्नान के बाद गन्ने का मंडप बनाएं। लाल चुनरी से तुलसी को सजाएं, शालिग्राम को पीतांबर पहनाएं। 11 बार परिक्रमा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे विवाह योग बनता है।

2. तुलसी को चढ़ाएं 11 लौंग:

11 लौंग और गुड़ का भोग लगाएं। “ॐ तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि, तन्नो वृंदा प्रचोदयात्” मंत्र पढ़ते हुए चढ़ाएं। प्रसाद को कन्या को बांटें। मांगलिक दोष में राहत मिलेगी।

3. तुलसी दल से विष्णु पूजन:

11 तुलसी पत्र लेकर श्री सूक्त का पाठ करें। पत्र भगवान विष्णु के चरणों में चढ़ाएं। अविवाहित कन्या/पुरुष स्वयं करें तो योग्य वर/वधू मिलने की संभावना बढ़ती है।

4. तुलसी के सामने दीपदान:

घी का दीपक जलाकर तुलसी माता के सामने रखें। “कुंवारी कन्या” या “विवाह में बाधा” वाले व्यक्ति 21 बार “ओम नमो नारायणाय” बोलें। शनि-मंगल की बाधा दूर होती है।

5. तुलसी विवाह प्रसाद वितरण:

खीर-पूरी का भोग लगाकर 5 कन्याओं को खिलाएं। दान में लाल कपड़ा दें। कुंडली में गुरु-शुक्र कमजोर होने पर लाभ।

ज्योतिषी पंडित कहते हैं, “तुलसी विवाह पर किए उपाय 11 महीने तक फल देते हैं।” सुबह 5 से 7 बजे के बीच उपाय करें। तुलसी को कभी अपशब्द न कहें।

तुलसी विवाह न केवल धार्मिक पर्व है, बल्कि वैवाहिक सुख का द्वार खोलता है।

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