आसाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट से 6 माह की अंतरिम जमानत, मेडिकल आधार पर मिली राहत
आसाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट से 6 माह की अंतरिम जमानत, मेडिकल आधार पर मिली राहत
नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 महीने की अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और *lजस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने मेडिकल ग्राउंड्स पर यह फैसला सुनाया।
84 वर्षीय आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में 2013 के रेप केस में अप्रैल 2018 से सजा भुगत रहे हैं। POCSO कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था। याचिका में बिगड़ती सेहत और जेल में उचित इलाज की असंभवता का हवाला दिया गया। वर्तमान में वे निजी अस्पताल में भर्ती हैं। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट्स की समीक्षा कर राहत दी।
यह दूसरी बार है जब आसाराम को लंबी अंतरिम जमानत मिली। जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात रेप केस में 31 मार्च तक जमानत दी थी। उसके बाद राजस्थान HC ने 14 जनवरी से 30 अगस्त 2025 तक कई बार बढ़ाई। 30 अगस्त को सरेंडर करने के बाद फिर याचिका दायर की।
जमानत शर्तें सख्त:
– गवाहों/सबूतों से दूर रहें।
– अनुयायियों से समूह में न मिलें।
– सत्संग/भाषण न करें।
– जमानत अवधि समाप्ति पर सरेंडर करें।
सुप्रीम कोर्ट वकील देवदत्त कामत ने पैरवी की। सामान्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने पक्ष रखा। पीड़ित पक्ष के वकील ने आपत्ति दर्ज की, लेकिन कोर्ट ने मानवीय आधार पर फैसला लिया।
अगली सुनवाई में नियमित जमानत पर विचार। यह फैसला न्यायिक मानवीयता और कानून की गरिमा का संतुलन दर्शाता है।
