राष्ट्रीय

गला घोंटकर मारा, शव पर लगाया घी-शराब, फिर सिलेंडर ब्लास्ट का ड्रामा: UPSC अभ्यर्थी की हत्या में लिव-इन पार्टनर की खुली पोल

गला घोंटकर मारा, शव पर लगाया घी-शराब, फिर सिलेंडर ब्लास्ट का ड्रामा: UPSC अभ्यर्थी की हत्या में लिव-इन पार्टनर की खुली पोल

दिल्ली के तिमारपुर इलाके में UPSC की तैयारी कर रहे रामकेश मीणा की हत्या का सनसनीखेज राज खुल गया है। उनकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर न केवल रामकेश की हत्या की, बल्कि शव को जलाने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट का फर्जीवाड़ा भी रचा। 32 वर्षीय रामकेश को 5-6 अक्टूबर की रात गला घोंटकर मारा गया, फिर शव पर घी, तेल और शराब उड़ेलकर आग लगाई गई। अमृता, जो फॉरेंसिक साइंस की छात्रा है, ने क्राइम वेब सीरीज से प्रेरित होकर ‘परफेक्ट मर्डर’ की साजिश रची, लेकिन सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन ने उसकी पोल खोल दी। दिल्ली पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, रामकेश और अमृता की मुलाकात मई 2025 में हुई थी, और जल्द ही वे गांधी विहार के ई-ब्लॉक स्थित फ्लैट में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। रामकेश राजस्थान के रहने वाले थे और सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटे थे। लेकिन रिश्ता बिगड़ गया जब अमृता को पता चला कि रामकेश ने उसके निजी वीडियो और फोटो हार्ड डिस्क में सेव कर रखे हैं। बार-बार मांगने पर भी रामकेश ने उन्हें डिलीट करने से इनकार कर दिया। अपमानित अमृता ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित (27 वर्ष, एलपीजी सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटर) को बताया, जो गुस्से में आ गया। सुमित ने अपने दोस्त संदीप (29 वर्ष, एसएससी सीजीएल अभ्यर्थी) को शामिल कर लिया। तीनों ने मुरादाबाद से दिल्ली का सफर किया और 5 अक्टूबर की रात 2:20 बजे फ्लैट में घुसे।

सीसीटीवी फुटेज में दो मास्क लगाए लोग फ्लैट में दाखिल होते दिखे। 39 मिनट बाद एक व्यक्ति बाहर निकला, फिर 2:57 बजे अमृता और एक पुरुष बाहर आए। उसके तुरंत बाद फ्लैट में धमाका हुआ। अगले दिन सुबह 6 अक्टूबर को फायर ब्रिगेड को आग की सूचना मिली। आग बुझाने पर रामकेश का अधजला शव मिला, जो हिंदू राव अस्पताल के मोर्चरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। शुरुआत में इसे एसी ब्लास्ट का हादसा माना गया, लेकिन फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ कि मौत गला घोंटने से हुई। शव पर घी, तेल और शराब के निशान मिले, जो आग तेज करने के लिए डाले गए थे। सुमित ने सिलेंडर का वॉल्व खोलकर ब्लास्ट का नाटक रचा। तीनों ने हार्ड डिस्क, लैपटॉप और रामकेश के कपड़े लूट लिए।

अमृता की गिरफ्तारी सबसे पहले हुई। 18 अक्टूबर को मुरादाबाद में छापेमारी के दौरान उसके मोबाइल की सीडीआर से लोकेशन ट्रेस हुई, जो घटना के समय क्राइम सीन के पास थी। पूछताछ में अमृता ने कबूल किया कि फॉरेंसिक नॉलेज और क्राइम शोज (जैसे ‘सनकी’ या ‘क्राइम पेट्रोल’) से प्रेरित होकर उसने सबूत मिटाने की योजना बनाई। सुमित को 21 अक्टूबर और संदीप को 23 अक्टूबर को पकड़ा गया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा इरादा) और 436 (आग लगाना) के तहत केस दर्ज किया। डीसीपी (नॉर्थ) रजा बनthia ने बताया, “अमृता ने इंस्टाग्राम पर मर्डर से 5 दिन पहले ट्रांजिशन रील पोस्ट की थी, लेकिन रामकेश की कोई फोटो नहीं। यह साजिश महीनों से चल रही थी।”

यह घटना दिल्ली में लिव-इन रिलेशनशिप और प्राइवेसी के मुद्दों पर सवाल खड़े कर रही है। रामकेश के परिवार ने न्याय की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई का दुरुपयोग दुखद है। पुलिस ने चेतावनी दी कि निजी वीडियो ब्लैकमेल का हथियार न बनें। रामकेश की तरह कई युवा दिल्ली में सपनों के पीछे भागते हैं, लेकिन ऐसी साजिशें उनके भविष्य चुरा लेती हैं। जांच जारी है, और तीनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *