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साउथ चाइना सी में 30 मिनट के अंदर गिरे अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट, चीन की साजिश या कुछ और?

साउथ चाइना सी में 30 मिनट के अंदर गिरे अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट, चीन की साजिश या कुछ और?

साउथ चाइना सी के संवेदनशील जलक्षेत्र में रविवार को अमेरिकी नौसेना को दोहरा झटका लगा। यूएसएस निमित्ज़ एयरक्राफ्ट कैरियर से रूटीन ऑपरेशंस के दौरान लगभग 30 मिनट के अंतराल पर एक हेलीकॉप्टर और एक फाइटर जेट क्रैश हो गए। सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बचाए गए, लेकिन इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर साजिश की अफवाहें फैला दी हैं—क्या यह चीन की चाल है? अमेरिकी नौसेना ने इसे ‘रूटीन मिसहैप’ बताया है, लेकिन जांच जारी है। यह घटना पूर्वी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एशिया दौरा चल रहा है।

यूएस नेवी पैसिफिक फ्लीट के अनुसार, पहली घटना दोपहर 2:45 बजे हुई, जब MH-60R सी हॉक हेलीकॉप्टर (हेलीकॉप्टर मैरीटाइम स्ट्राइक स्क्वाड्रन 73 से) साउथ चाइना सी में गिर गया। इसके तीन क्रू मेंबर्स को सर्च-एंड-रिस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचा लिया। लगभग 30 मिनट बाद, F/A-18F सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट भी क्रैश हो गया, जिसमें दोनों पायलट्स ने इजेक्शन किया और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 11 की टीम ने उन्हें रिकवर कर लिया। सभी पांच क्रू मेंबर्स स्टेबल कंडीशन में हैं। नेवी ने सोशल मीडिया पर स्टेटमेंट जारी कर कहा, “दोनों क्रैश की वजह की जांच चल रही है।” यह साल का चौथा F/A-18 क्रैश है, जिसमें स्प्रिंग में रेड सी में दो जेट्स गिरे थे।

साउथ चाइना सी, जहां चीन लगभग पूरे क्षेत्र पर दावा करता है (अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले के बावजूद), अमेरिकी नौसेना के लिए फ्रीडम ऑफ नेविगेशन का टेस्टिंग ग्राउंड है। यहां फिलीपींस, वियतनाम जैसे सहयोगियों के साथ चीन के बीच तनाव हमेशा बना रहता है। ट्रंप के एशिया टूर के दौरान, जहां वे चीन के साथ ट्रेड ट्रूस पर चर्चा करने वाले हैं, ये क्रैश संयोगवश ही लगते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं—क्या चीनी सबमरीन्स या साइबर इंटरफेरेंस ने इसे ट्रिगर किया? एक यूजर ने लिखा, “दो क्रैश 30 मिनट में? पावर गेम्स में एक्सिडेंट्स मैसेज होते हैं।” चीन ने इसे ‘मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान दुर्घटना’ बताया, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि साजिश की थ्योरी बेबुनियाद है। पूर्व नेवी पायलट कैप्टन जॉन स्मिथ ने कहा, “रूटीन फ्लाइट्स में मैकेनिकल फेलियर या ह्यूमन एरर आम हैं। साउथ चाइना सी की मौसम की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण है।” यूएस नेवी ने स्पष्ट किया कि कोई बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले। फिर भी, यह घटना अमेरिकी नौसेना की तैनाती पर सवाल खड़े कर रही है, जहां यूएसएस निमित्ज़ (2026 में रिटायर होने वाला) चीन के दावों का मुकाबला कर रहा है। ट्रंप-शी जिनपिंग की मीटिंग से पहले यह ‘मिसहैप’ डिप्लोमेसी को प्रभावित कर सकता है।

जांच रिपोर्ट आने पर सच्चाई साफ होगी—साजिश या संयोग? फिलहाल, अमेरिका अपनी नौसेना की मजबूती पर फोकस कर रहा है।

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