राष्ट्रीय

धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले का रहस्य गहराया: SIT ने तीन एक्टिविस्टों को समन जारी किया, पूछताछ में नए खुलासे की उम्मीद

धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले का रहस्य गहराया: SIT ने तीन एक्टिविस्टों को समन जारी किया, पूछताछ में नए खुलासे की उम्मीद

कर्नाटक के बेलथंगड़ी तहसील के धर्मस्थल मंदिर परिसर में 1995 से 2014 के बीच सैकड़ों महिलाओं और नाबालिगों के कथित सामूहिक दफन, बलात्कार और हत्याओं के सनसनीखेज आरोपों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए तीन प्रमुख एक्टिविस्टों—महेश शेट्टी थिमारोडी, टी जयंत और गिरीश मट्टनवर—को समन जारी किया है। उन्हें सोमवार (27 अक्टूबर) को मंगलुरु में पेश होने का आदेश दिया गया है। SIT का मानना है कि इन एक्टिविस्टों ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर मामले को तूल देकर मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश की।

SIT के चीफ DIG प्रणव मोहंती के नेतृत्व वाली चार सदस्यीय टीम ने पिछले तीन महीनों में 11 स्थलों पर उत्खनन कराया, जहां से संदिग्ध मानव अवशेष मिले हैं। लेकिन मुख्य शिकायतकर्ता सीएन चिन्नय्या उर्फ चेन्ना (एक पूर्व सफाई कर्मचारी) को अगस्त में ही गिरफ्तार कर लिया गया था, क्योंकि उसके दावे मनगढ़ंत साबित हुए। चेन्ना ने दावा किया था कि उसे 19 वर्षों में 200 से अधिक शवों को दफनाने या जलाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन जांच में फोटोग्राफिक और अन्य सबूत कमजोर पाए गए। अब SIT एक्टिविस्टों के बयानों से सच्चाई उजागर करने की कोशिश में है।

मामले की टाइमलाइन: सनसनी से साजिश तक

– अप्रैल 2025: एक्टिविस्टों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाए कि धर्मस्थल मंदिर परिसर में सामूहिक दफन और यौन शोषण के मामले दबाए जा रहे हैं। इससे जनदबाव बढ़ा।

– 4 जुलाई 2025: चेन्ना ने धर्मस्थल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। बीएनएसएस की धारा 211(ए) के तहत FIR हुई। चेन्ना को गवाह संरक्षण योजना में रखा गया।

– 19 जुलाई 2025: कर्नाटक सरकार ने SIT गठित की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “SIT सभी अप्राकृतिक मौतों, गुमशुदगी और यौन उत्पीड़न के मामलों की गहन जांच करेगी।”

– 26-27 जुलाई 2025: SIT ने मंगलुरु में कैंप ऑफिस खोला। चेन्ना ने बयान दर्ज कराया, लेकिन वकीलों को भी नोटिस भेजा गया।

– अगस्त 2025: उत्खनन में नेत्रावती नदी किनारे 11वें स्थल से संदिग्ध अवशेष मिले। चेन्ना गिरफ्तार, झूठे दावों का आरोप।

– 25 अक्टूबर 2025: तीन एक्टिविस्टों को समन। SIT ने उनके बीच करीबी संबंधों का पता लगाया।

SIT ने बताया कि एक्टिविस्टों ने चेन्ना को ‘व्हिसलब्लोअर’ बनाकर सोशल मीडिया कैंपेन चलाया, जिससे मंदिर की छवि खराब हुई। धर्मस्थल ट्रस्ट के प्रवक्ता के. पार्श्वनाथ जैन ने SIT के गठन का स्वागत किया था और निष्पक्ष जांच की मांग की। अब ट्रस्ट ने कहा, “ये आरोप साजिश हैं, सत्य सामने आएगा।”

राजनीतिक रंग: विपक्ष का हमला, सरकार का बचाव

यह मामला कर्नाटक की सियासत में भी गरमाया है। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर ‘मंदिर विरोधी’ होने का आरोप लगाया, जबकि सिद्धारमैया ने कहा, “SIT रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।” राज्य महिला आयोग ने भी जांच की मांग की थी, जिसके बाद SIT बनी।

मामले का रहस्य अभी भी गहरा है। क्या एक्टिविस्टों के बयान से नया मोड़ आएगा, या यह पूरी तरह साजिश साबित होगा? SIT की रिपोर्ट से ही पर्दा उठेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *