बिहार चुनाव: ‘तेजस्वी CM बने तो वक्फ कानून खत्म करेंगे’, RJD MLC कारी शोएब का ऐलान, BJP ने घेरा- ‘मुस्लिम तुष्टिकरण का नंगा खेल’
बिहार चुनाव: ‘तेजस्वी CM बने तो वक्फ कानून खत्म करेंगे’, RJD MLC कारी शोएब का ऐलान, BJP ने घेरा- ‘मुस्लिम तुष्टिकरण का नंगा खेल’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच वक्फ संशोधन बिल पर सियासत गरमाई हुई है। खगड़िया जिले के गोगरी में शनिवार को तेजस्वी यादव की जनसभा के दौरान RJD के MLC कारी शोएब ने मंच से बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनते हैं तो वक्फ कानून को खत्म कर देंगे। जो लोग वक्फ बिल का समर्थन कर रहे हैं, उनका इलाज करना है।” यह बयान तेजस्वी की मौजूदगी में आया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विपक्षी BJP ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण का हथकंडा बताते हुए RJD को घेर लिया, जबकि महागठबंधन ने इसे ‘मुस्लिम हितों की रक्षा’ का वादा करार दिया।
RJD MLC का विवादित बयान: जनसभा में ऐलान
खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में RJD प्रत्याशी डॉ. अजय कुमार के समर्थन में आयोजित सभा में कारी शोएब ने कहा, “वक्फ बिल मुसलमानों के अधिकारों पर हमला है। तेजस्वी यादव की सरकार बनने पर हम इसे उखाड़ फेंकेंगे।” शोएब ने केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल (जिसे अगस्त 2025 में राष्ट्रपति ने मंजूरी दी) को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की साजिश है। तेजस्वी ने बयान पर सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सभा में उन्होंने कहा, “हम बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, जहां हर वर्ग को न्याय मिलेगा।” RJD ने बाद में स्पष्ट किया कि यह मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा का वादा है, न कि सांप्रदायिक राजनीति।
यह बयान बिहार के 18% मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। तेजस्वी ने मार्च 2025 में NDTV को दिए इंटरव्यू में भी वक्फ बिल को ‘असंवैधानिक’ बताया था। RJD का दावा है कि यह बिल गरीब मुसलमानों की संपत्तियों को खतरे में डालता है।
BJP का तीखा पलटवार: ‘जंगलराज के लक्षण, तुष्टिकरण का नंगा खेल’
BJP ने RJD के बयान को ‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण’ का हथकंडा बताते हुए जोरदार हमला बोला। BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर वीडियो शेयर कर लिखा, “RJD के मंच से ऐलान—अगर तेजस्वी CM बने तो वक्फ कानून खत्म करेंगे। यही जंगलराज के लक्षण हैं। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए संविधान तोड़ने को तैयार?” BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “RJD मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए वक्फ कानून हटाने का दांव चला रही है। यह समाजवाद नहीं, नमाजवाद है। तेजस्वी यादव न तो पढ़े-लिखे हैं और न ही खुद शिक्षित होना चाहते हैं।”
राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “तेजस्वी गरीब मुसलमानों के साथ नहीं, बल्कि वक्फ संपत्ति पर कब्जा करने वालों के साथ खड़े हैं।” BJP ने इसे ‘मौलाना तेजस्वी’ का तंज कसते हुए कहा कि RJD हिंदू-मुस्लिम एजेंडे पर चुनाव लड़ना चाहती है। LJP (रा.) प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने भी कहा, “यह सत्ता पाने का लालच है। वक्फ बिल पारदर्शिता लाता है, RJD इसे खत्म कर अराजकता फैलाना चाहती है।” NDA ने चेतावनी दी कि बिहार में फिर जंगलराज लौटेगा।
सियासी समीकरण: मुस्लिम वोटों पर जंग
यह विवाद बिहार चुनाव के समीकरण को प्रभावित कर सकता है। RJD महागठबंधन में मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण पर निर्भर है, जबकि BJP पसमांदा मुसलमानों को साधने की कोशिश में है। वक्फ बिल, जो वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम प्रतिनिधित्व और संपत्ति पंजीकरण को अनिवार्य बनाता है, विपक्ष का निशाना बना हुआ है। JDU ने चुप्पी साध रखी है, जो NDA का हिस्सा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान मुस्लिम वोटों को एकजुट कर सकता है, लेकिन BJP इसे तुष्टिकरण बताकर हिंदू वोटों को जोड़ेगी।
RJD ने कहा, “वक्फ कानून मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करता है। BJP इसे कमजोर कर रही है।” क्या यह बयान महागठबंधन को फायदा देगा या BJP को? चुनावी घमासान जारी है।
