एमपी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, रेस से बाहर हुई पार्टी
एमपी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, रेस से बाहर हुई पार्टी
मध्य प्रदेश की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की इकलौती उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (Nomination Paper) रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द कर दिया है। नटराजन पर आरोप है कि उन्होंने अपने नामांकन फॉर्म के हलफनामे (Affidavit) में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छुपाई थी। इस फैसले के बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर लिया गया एक्शन
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मामले का संज्ञान लिया था।
नोटिस और समय सीमा: निर्वाचन अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर आज, 9 जून की शाम 5:30 बजे तक अपना पक्ष रखने और जवाब देने का समय दिया था।
जांच में दोषी पाई गईं: तय समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद, निर्वाचन अधिकारी ने अपनी जांच में जानकारी छुपाने के आरोपों को सही पाया और तकनीकी आधार पर उनका नामांकन खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने कहा ‘लोकतंत्र की हत्या’, कोर्ट जाने का किया ऐलान
नामांकन रद्द होने की खबर के बाद कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पूरी कार्रवाई पर तीखा पलटवार करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। उन्होंने कहा:
”कानून और नियमों को ताक पर रखकर यह नामांकन रद्द किया गया है। सुप्रीम कोर्ट का नियम कहता है कि जिस केस में एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी हो, केवल उसकी जानकारी देना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में मीनाक्षी नटराजन को केवल एक कारण बताओ (Show Cause) नोटिस मिला था, कोई मुकदमा नहीं था। इसके बावजूद नियमों की गलत व्याख्या करके यह एक्शन लिया गया।”
उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। पार्टी जल्द ही इस तकनीकी रिजेक्शन को चुनौती देने के लिए अदालत (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएगी और इस लड़ाई को जनता के बीच भी लेकर जाएगी।
बीजेपी ने किया फैसले का बचाव: ‘साबित हुआ है अपराध छुपाने का मामला’
दूसरी तरफ, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने रिटर्निंग ऑफिसर के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। बीजेपी प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्वाचन अधिकारी के सामने सभी पुख्ता दस्तावेज और सबूत रखे गए थे। पूरी निष्पक्ष जांच और सबूतों के आधार पर ही चुनाव आयोग के अधिकारी ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने ऊपर चल रहे क्रिमिनल केस की बात को जानबूझकर छुपाया, जो नियमों के खिलाफ है और यह बात अधिकारी के सामने पूरी तरह साबित हो चुकी है।
