”सुझावों से मतलब नहीं, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहिए”: पीएम मोदी के वीडियो पर राहुल गांधी का हमला, रखीं 3 मांगें
”सुझावों से मतलब नहीं, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहिए”: पीएम मोदी के वीडियो पर राहुल गांधी का हमला, रखीं 3 मांगें
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों के साथ मौजूद राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि छात्रों को सरकार के भाषणों या सुझावों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि उनकी स्पष्ट मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है।
पीएम के वीडियो संदेश पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छात्रों और युवाओं के लिए जारी किए गए एक रात के वीडियो संदेश पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा:
”प्रधानमंत्री, जो रात-रात वीडियो बना रहे हैं। कल वीडियो बनाई और कहते हैं कि बहुत अच्छे सुझाव आए। सुझाव से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि इनकी (साथ बैठी छात्राओं की ओर इशारा करते हुए) मांग धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को लेकर है।”
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में छात्रों से मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स और सुझावों के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त किया था।
’विभाग बदलना मंजूर नहीं, बर्खास्तगी ही एकमात्र रास्ता’
राहुल गांधी ने उन चर्चाओं पर सख्त रुख अपनाया जिनमें शिक्षा मंत्री के विभाग को बदलने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को किसी अन्य मंत्रालय में भेजना छात्रों और विपक्ष को कतई स्वीकार नहीं होगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे मामले में हुए भ्रष्टाचार और देश के बच्चों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ की निशानी हैं, इसलिए उन्हें पद से पूरी तरह हटाया जाना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी द्वारा दोहराई गईं 3 मुख्य मांगें:
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में सरकार के सामने तीन मुख्य शर्तें रखीं और कहा कि इन पर कोई समझौता नहीं होगा:
शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत कैबिनेट से हटाया जाए। महज उनका विभाग बदलना स्वीकार्य नहीं होगा।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई: विरोध प्रदर्शनों के दौरान जिन हजारों छात्रों को मारा, पीटा और धमकाया गया है, उस हिंसा के जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।
प्रधानमंत्री मांगें माफी: पूरे सिस्टम के प्रमुख होने के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
