राजनीति

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले भारी हंगामा: विधानसभा में विधायकों के बीच धक्का-मुक्की, बेंगलुरु भेजे गए कांग्रेस विधायक

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले भारी हंगामा: विधानसभा में विधायकों के बीच धक्का-मुक्की, बेंगलुरु भेजे गए कांग्रेस विधायक

​मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस अपने विधायकों को क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु भेजने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में दोनों दलों के विधायकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​विधानसभा परिसर में बढ़ा टकराव और हंगामा

​भोपाल विधानसभा परिसर में उस समय अचानक स्थिति बिगड़ गई जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इस हंगामे के दौरान परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जिसे काबू में करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

​बताया जा रहा है कि इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी विधानसभा परिसर के भीतर दाखिल हो गए थे, जिससे कांग्रेस विधायक भड़क गए। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आग में घी का काम किया और टकराव ने हिंसक रूप ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम के समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी विधानसभा में ही मौजूद थे और दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।

​राज्यसभा चुनाव के गणित ने बढ़ाया सियासी दबाव

​मध्य प्रदेश में आगामी 18 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होना है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से बीजेपी दो सीटों पर बेहद मजबूत स्थिति में है, जबकि संख्या बल के आधार पर तीसरी सीट कांग्रेस के खाते में जानी तय मानी जा रही थी। हालांकि, बीजेपी ने खेल को तब पेचीदा बना दिया जब उसने मैदान में अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतार दिया।

​बीजेपी के इस दांव के बाद से ही राज्य की सियासत में ‘क्रॉस वोटिंग’ (विधायकों द्वारा पाला बदलना) और खरीद-फरोख्त की आशंकाएं तेज हो गईं। इसी राजनैतिक दबाव और टूट-फूट के खतरे को भांपते हुए कांग्रेस आलाकमान ने अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें तत्काल कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक (बेंगलुरु) शिफ्ट करने का फैसला किया।

​भोपाल एयरपोर्ट पर भी हाई वोल्टेज ड्रामा

​कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित बाहर निकालने की इस योजना में सोमवार को उस समय एक और बाधा आई जब भोपाल एयरपोर्ट पर सियासी सस्पेंस बढ़ गया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायकों को लेकर जाने वाले चार्टर्ड विमान को आवश्यक तकनीकी या प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण काफी देर तक उड़ान (टेक-ऑफ) की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। इस देरी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर जानबूझकर परेशान करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, काफी देर तक चले ड्रामे और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आखिरकार विमान को उड़ान भरने की इजाजत दे दी गई और कांग्रेस विधायक बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए।

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