जापान की पहली महिला PM बनीं साने ताकाइची, इतिहास रच दिया
जापान की पहली महिला PM बनीं साने ताकाइची, इतिहास रच दिया
जापान की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया। सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की नेता साने ताकाइची को संसद ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुना है। 64 वर्षीय ताकाइची ने निचले सदन में 237-149 वोटों से जीत हासिल की, जबकि ऊपरी सदन में दूसरे दौर के मतदान में 125-46 से सफल रहीं। यह फैसला शिगेरु इशिबा के इस्तीफे के बाद आया, जिनकी सरकार दो लगातार चुनावी हारों के बाद संकट में फंस गई थी। ताकाइची ने दक्षिणपंथी जापान इनोवेशन पार्टी (इशिन) के साथ नया गठबंधन बनाकर बहुमत जुटाया, जो LDP को राइट-विंग की ओर धकेल रहा है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ताकाइची का चुनाव LDP के आंतरिक संकट के बीच हुआ, जहां पार्टी को भ्रष्टाचार कांडों और आर्थिक चुनौतियों से जूझना पड़ा। उन्होंने कहा, “जापान फर्स्ट को प्राथमिकता देकर हम राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे।” भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत बधाई दी, लिखा, “साने ताकाइची को जापान की प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। भारत-जापान की विशेष साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को उत्सुक।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा, “जापान की पहली महिला पीएम, एक बुद्धिमान और मजबूत नेता। शुभकामनाएं!”
कौन हैं साने ताकाइची? एक नजर
– जन्म और शुरुआती जीवन: 7 मार्च 1961 को नारा प्रान्त में जन्मीं ताकाइची के पिता कार कंपनी में कर्मचारी थे, जबकि मां पुलिस अधिकारी। राजनीतिक परिवार न होने के बावजूद, उन्होंने 1993 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में संसद पहुंचीं। क्वीन एलिजाबेथ स्कॉलरशिप पर अमेरिका पढ़ने गईं, जहां से लौटकर राजनीति में कूद पड़ीं।
– ‘जापान फर्स्ट’ की हिमायती: पूर्व पीएम शिंजो आबे की करीबी रही ताकाइची ‘जापान फर्स्ट’ नीति की समर्थक हैं। वे जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन, मजबूत सेना और सख्त आव्रजन नीतियों की वकालत करती हैं। चीन और कोरिया के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर कट्टर रुख रखती हैं—ताइवान को समर्थन और यासुकुनी श्राइन की नियमित यात्राएं उनका ट्रेडमार्क हैं।
– बाइक की शौकीन और रॉकस्टार अतीत: ताकाइची मोटरबाइक की दीवानी हैं और हार्ले-डेविडसन की शौकीन। कॉलेज में हेवी मेटल बैंड में ड्रमर रहीं—आयरन मेडेन और डीप पर्पल से प्रेरित। वे खुद को ‘जापान की मार्गरेट थैचर’ कहती हैं, जिन्हें अपना गुरु मानती हैं। जापानी मीडिया उन्हें ‘आयरन लेडी’ कहता है।
– राजनीतिक सफर: आबे सरकार में आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक मामलों, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और लिंग समानता मंत्री रहीं। 2021 और 2024 में LDP अध्यक्ष चुनाव हारने के बाद तीसरी कोशिश में सफल। अब PM के रूप में आबेनॉमिक्स को जारी रखने, फिस्कल विस्तार और बैंकों ऑफ जापान की ब्याज दरों में इजाफे का वादा।
चुनौतियां और भविष्य की राह
ताकाइची के सामने जापान की घटती जनसंख्या, महंगाई, कमजोर येन और ट्रंप के टैरिफ्स से जूझना है। LDP को संसद में पूर्ण बहुमत नहीं, इसलिए विपक्षी समर्थन जुटाना पड़ेगा। Komeito पार्टी उनके कट्टरपंथी विचारों से नाराज है, जो गठबंधन को खतरे में डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनका ‘जापान फर्स्ट’ एजेंडा अमेरिका-जापान गठबंधन को मजबूत करेगा, लेकिन चीन के साथ तनाव बढ़ा सकता है।
जापान जैसे लिंग समानता में पिछड़े देश (विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट में 125वां स्थान) में ताकाइची का उदय महिलाओं के लिए प्रेरणा है। लेकिन सामाजिक मुद्दों पर उनका रूढ़िवादी रुख—समलैंगिक विवाह का विरोध, अलग उपनामों की अस्वीकृति—विवादास्पद है। क्या वे थैचर की तरह ‘आयरन लेडी’ साबित होंगी? समय बताएगा, लेकिन जापान की राजनीति अब नई दिशा में बढ़ चुकी है।
