गाजा में हमास का नया क्रूर कांड: घुटनों पर बिठाकर गोली मार दी, 7 लोगों की सार्वजनिक हत्या से सिहरन
गाजा में हमास का नया क्रूर कांड: घुटनों पर बिठाकर गोली मार दी, 7 लोगों की सार्वजनिक हत्या से सिहरन
इजरायल-हमास युद्ध के बीच हाल ही में लागू हुए युद्धविराम के बावजूद, गाजा पट्टी में हमास का नया आतंकी कांड सामने आया है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक भयावह वीडियो में हमास के हथियारबंद सदस्यों ने सात पुरुषों को सड़क पर घुटनों के बल बिठाकर मशीनगन से बेरहमी से गोली मार दी। यह घटना गाजा सिटी के अल-सबरा इलाके में हुई, जहां भीड़ के बीच यह नृशंस हत्या की गई। हमास ने इसे “सहयोगियों और अपराधियों” के खिलाफ कार्रवाई बताया, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने इसे “अतिरिक्त न्यायिक हत्या” करार दिया। यह कांड हमास की अपनी जमीन पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को दर्शाता है, जो युद्ध से कमजोर हो चुका संगठन के लिए एक चेतावनी साबित हो रहा है।
घटना 13 अक्टूबर को हुई, जब युद्धविराम के बाद हमास के इज्जुद्दीन अल-कसम ब्रिगेड के सदस्य सड़कों पर लौटने लगे। वीडियो में मास्कधारी हमास लड़ाके—जिनमें से कुछ हरे हेडबैंड पहने हुए हैं—सात पुरुषों को सड़क के बीच में घसीटते हुए ले जाते दिख रहे हैं। वे उन्हें घुटनों पर बिठाते हैं, आंखें बांध देते हैं, और फिर भीड़ के बीच मशीनगन से गोलियां बरसा देते हैं। हत्या के बाद लड़ाके “अल्लाहु अकबर” के नारे लगाते हुए जश्न मनाते नजर आते हैं। वीडियो की सत्यता CNN और ABC न्यूज जैसे मीडिया हाउस ने पुष्टि की है, जो अल-सबरा के सैटेलाइट इमेज से मेल खाता है। हमास से जुड़ी सिक्योरिटी फोर्स राडा ने बयान जारी कर कहा, “यह गाजा सिटी के केंद्र में अपराधियों के खिलाफ सटीक ऑपरेशन था।”
यह हमास की हालिया क्रैकडाउन का हिस्सा है, जहां संगठन ने युद्धविराम के बाद कम से कम 33 फिलिस्तीनियों को मार गिराया। रॉयटर्स के अनुसार, इनमें से 32 एक गैंग के सदस्य थे, जो हमास के नियंत्रण को चुनौती दे रहे थे। गाजा के सिक्योरिटी सोर्सेज ने बताया कि हमास ने डोगमुश परिवार जैसे कबीले के सदस्यों को निशाना बनाया, जो अल-सबरा में शक्तिशाली हैं। हमास के प्रवक्ता ने कहा, “हम सुरक्षा बहाल कर रहे हैं,” लेकिन विपक्षी कबीले और गैंग्स ने इसे “आतंक का राज” बताया। यह घटना युद्ध के दौरान उभरे प्रतिद्वंद्वी समूहों के खिलाफ हमास की साफ-साफ कार्रवाई का प्रतीक है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज है। अल-मेजान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स ने इसे “नागरिकों की अतिरिक्त न्यायिक हत्या” करार देते हुए जांच की मांग की। यूनाइटेड नेशंस ने हमास से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा, जबकि अमेरिका ने चुप्पी साधी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि हमास को “गाजा की आंतरिक सुरक्षा” संभालने का अस्थायी अनुमति दी गई है, लेकिन यह वीडियो अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा रहा है। इजरायल ने इसे “हमास की क्रूरता का प्रमाण” बताते हुए कहा कि युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है।
गाजा में युद्धविराम 10 अक्टूबर को लागू हुआ, जिसमें आखिरी बंधकों की रिहाई के बाद शांति की उम्मीद थी। लेकिन हमास ने अपनी सैन्य विंग के सदस्यों को सड़कों पर तैनात कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संगठन की कमजोर स्थिति को मजबूत करने की रणनीति है, जहां प्रतिद्वंद्वी कबीले IDF की मदद से उभरे थे। लेकिन ऐसी सार्वजनिक हत्याएं गाजा की जनता में भय का माहौल पैदा कर रही हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम युद्ध से थक चुके हैं, अब हमास का आतंक?”
यह घटना इजरायल-हमास संघर्ष के ‘दिन बाद’ के सवालों को और उलझा रही है। इजरायल ने हमास को हथियार डालने की चेतावनी दी, जबकि फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने हमास की कार्रवाइयों की निंदा की। फिलहाल, गाजा में तनाव बरकरार है, और यह नया कांड हमास की पकड़ मजबूत करने की खतरनाक कोशिश नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब कदम उठाने होंगे, वरना युद्धविराम का सपना चूर हो सकता है।
