बिहार चुनाव 2025: AIMIM ने बनाया तीसरा गठबंधन, 35 सीटों पर लड़ेगी; मुस्लिम वोटों पर सेंधमारी की रणनीति
बिहार चुनाव 2025: AIMIM ने बनाया तीसरा गठबंधन, 35 सीटों पर लड़ेगी; मुस्लिम वोटों पर सेंधमारी की रणनीति
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तीसरा मोर्चा उभरने की कवायद तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मंगलवार को ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस’ (GDA) नामक नया गठबंधन गठित करने का ऐलान किया, जिसमें पार्टी 35 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। गठबंधन में आजाद समाज पार्टी को 25 और अपनी जनता पार्टी को 4 सीटें मिली हैं। AIMIM के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, “यह तीसरा विकल्प बिहार की राजनीति में बदलाव लाएगा। महागठबंधन ने हमारी 6 सीटों की मांग ठुकरा दी, इसलिए मुस्लिम-दलित वोटों को एकजुट करने का समय आ गया।” यह ऐलान RJD की नाराजगी को भुनाने का दांव लगता है, जो AIMIM को ‘वोट काटने’ वाली पार्टी मानती है।
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमान ने बताया कि उम्मीदवारों के नाम गुरुवार तक घोषित हो जाएंगे। AIMIM की पहली लिस्ट में पहले ही 32 उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है, जो किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, गया, मोतिहारी, नवादा, जमुई, भागलपुर, सिवान, दरभंगा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, वैशाली और गोपालगंज जैसे जिलों में फैले हैं। गठबंधन की कुल 64 सीटें मुस्लिम बहुल सीमांचल बेल्ट और अन्य क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इमान ने कहा, “हमने महागठबंधन से 6 सीटें मांगीं, लेकिन वे हमारी आवाज दबाना चाहते थे। अब 18% मुस्लिम वोटों की नाराजगी एनडीए को भुगतनी पड़ेगी।” पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन जैसे नेताओं ने जन सुराज छोड़ AIMIM जॉइन की है।
AIMIM का यह कदम 2020 के चुनावों की याद दिलाता है, जब पार्टी ने BSP और RLSP के साथ गठबंधन कर 5 सीटें जीतीं। लेकिन महागठबंधन ने इसे ‘सेकुलर वोट बंटवारा’ बताकर निशाना साधा। इस बार AIMIM ‘तीसरा विकल्प’ बनने की कोशिश कर रही है, जो NDA (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) के बीच वैकल्पिक ताकत बन सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि 64 सीटों पर यह गठबंधन मुस्लिम-दलित वोटों को बांट सकता है, खासकर सीमांचल में जहां AIMIM का मजबूत आधार है। पूर्व में पार्टी ने 100 सीटों पर लड़ने की बात कही थी, लेकिन गठबंधन से संख्या घटकर 64 हो गई।
महागठबंधन ने इस ऐलान पर तीखा प्रहार किया। RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “AIMIM NDA का बी-टिम है। ओवैसी साहब मुस्लिम वोट काटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। हमारी जीत अटल है।” कांग्रेस ने इसे “विभाजनकारी रणनीति” बताया। दूसरी ओर, एनडीए ने चुप्पी साधी, लेकिन बीजेपी प्रवक्ता प्रभात झा ने कहा, “विपक्ष में फूट साफ दिख रही। हमारी एकता बिहार को जीत दिलाएगी।” जन सुराज पार्टी ने AIMIM को ‘मौकापरस्त’ कहा। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “हम सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ेंगे। बिहार के अल्पसंख्यकों को उनकी हक की आवाज देंगे।”
चुनाव आयोग ने 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान की अधिसूचना जारी की है, जबकि 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। AIMIM का यह गठबंधन बिहार की सियासत में नया समीकरण बना सकता है, जहां मुस्लिम वोट (17%+) निर्णायक होंगे। क्या यह तीसरा मोर्चा NDA या महागठबंधन को नुकसान पहुंचाएगा? 14 नवंबर के नतीजों का इंतजार। फिलहाल, बिहार की राजनीति में तीसरा रंग चढ़ चुका है।
