राष्ट्रीय

अब PF खाते से निकाल सकेंगे पूरा पैसा, लेकिन मिनिमम बैलेंस का नियम जान लीजिए

अब PF खाते से निकाल सकेंगे पूरा पैसा, लेकिन मिनिमम बैलेंस का नियम जान लीजिए

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने 3.0 संस्करण के तहत पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सदस्य अपने योग्य पीएफ बैलेंस का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल है। यह फैसला वित्तीय आपातकालीन जरूरतों जैसे घर खरीदने, मेडिकल खर्च या बेरोजगारी के समय सहायता प्रदान करने के लिए लिया गया है। हालांकि, रिटायरमेंट सेफ्टी नेट सुनिश्चित करने के लिए एक न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता लागू की गई है।

ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की हालिया बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की। नए नियमों के अनुसार, सदस्य अब 12 महीने की न्यूनतम सेवा अवधि के बाद आंशिक या पूर्ण निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले, बेरोजगारी के दौरान केवल 75 प्रतिशत तक निकासी की अनुमति थी, लेकिन अब 100 प्रतिशत संभव है। विशेष परिस्थितियों में कारण बताने की जरूरत भी खत्म कर दी गई है, जिससे क्लेम रिजेक्शन की शिकायतें कम होंगी।

लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण नियम है मिनिमम बैलेंस का। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि सदस्य के खाते में कम से कम 25 प्रतिशत बैलेंस हमेशा बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि आप अधिकतम 75 प्रतिशत राशि ही निकाल पाएंगे, ताकि रिटायरमेंट के लिए कोष जमा होता रहे। यह बैलेंस ईपीएफओ की 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर चक्रवृद्धि ब्याज कमाता रहेगा। उदाहरण के लिए, यदि आपके पीएफ खाते में 5 लाख रुपये हैं, तो आप 3.75 लाख रुपये तक निकाल सकते हैं, लेकिन 1.25 लाख रुपये खाते में रहेंगे। यह बदलाव लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है, खासकर आईटी और फिनटेक सेक्टर में हाल की छंटनी के दौर में।

निकासी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ईपीएफओ ने 100 प्रतिशत क्लेम ऑटो-सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है, जिसमें दस्तावेजों की जरूरत नहीं। यूनिफाइड अकाउंट नंबर (यूएएन) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, 5 वर्ष से कम सेवा अवधि में निकासी पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (टीडीएस) लागू होगा—10 प्रतिशत यदि राशि 50,000 रुपये से अधिक हो। फॉर्म 15जी/15एच जमा करने पर टीडीएस से छूट मिल सकती है।

यह सुधार 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए राहत लेकर आएगा, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट फंड को अनावश्यक निकासी से बचाएं। ईपीएफओ 3.0 के तहत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन भी होगा, जिसमें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा शामिल है। यदि आप बेरोजगार हैं, तो 1 महीने बाद 75 प्रतिशत और 2 महीने बाद शेष निकासी के लिए योग्य होंगे।

ईपीएफओ के इस कदम से निश्चित रूप से लचीलापन बढ़ा है, लेकिन मिनिमम बैलेंस नियम भविष्य की चिंता को कम करने में मददगार साबित होगा। अधिक जानकारी के लिए epfindia.gov.in पर जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *