Monday, April 27, 2026
राष्ट्रीय

राजस्थान में बढ़ रही पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या, लाइब्रेरियन परीक्षा के पद बढ़ाने के लिए प्रदर्शन

राजस्थान में बढ़ रही पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या, लाइब्रेरियन परीक्षा के पद बढ़ाने के लिए प्रदर्शन

राजस्थान में बेरोजगारी का संकट गहराता जा रहा है। राज्य के पढ़े-लिखे युवाओं की संख्या में इजाफा होने के बावजूद सरकारी नौकरियों की कमी ने उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। मंगलवार को जयपुर में सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएमएसएसबी) के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका मुख्य मांग लाइब्रेरियन ग्रेड थर्ड भर्ती परीक्षा में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने की रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान में घोषित 548 पदों से हजारों योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाएगा।

राजस्थान में बेरोजगारी दर 2025 में 15 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुकी है, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में लाइब्रेरियन थर्ड ग्रेड के लिए 548 पदों (नॉन-टीएसपी में 483 और टीएसपी में 65) की अधिसूचना जारी की थी। आवेदन 5 मार्च से 3 अप्रैल 2025 तक चले, लेकिन परीक्षा जुलाई-अगस्त में आयोजित होने के बाद भी चयन प्रक्रिया में देरी से युवा नाराज हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजस्थान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने कहा, “हमारे पास लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा या डिग्री वाले हजारों युवा इंतजार कर रहे हैं। लेकिन केवल 548 पदों पर भर्ती से क्या होगा? सरकार को कम से कम 1500 पद बढ़ाने चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ काले झंडे लहराए। पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया, लेकिन किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। आरएसएमएसएसबी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत का आश्वासन दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा का एग्जाम पैटर्न दो पेपरों पर आधारित है—सामान्य ज्ञान और लाइब्रेरी साइंस—और मेरिट लिस्ट जल्द जारी होगी।

यह प्रदर्शन राजस्थान की बेरोजगारी समस्या का आईना है। पिछले दो वर्षों में राज्य में 10 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नौकरियों के अलावा निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन जरूरी है। युवा संगठनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से हस्तक्षेप की मांग की है। यदि पद नहीं बढ़े तो आंदोलन तेज हो सकता है।

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