भारत में डेटा सेंटर बनाएगा Google, 10 अरब डॉलर का है प्रोजेक्ट
भारत में डेटा सेंटर बनाएगा Google, 10 अरब डॉलर का है प्रोजेक्ट
गूगल ने भारत में अपनी सबसे बड़ी निवेश की घोषणा की है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10 अरब डॉलर (लगभग 84,000 करोड़ रुपये) की लागत से एक विशाल डेटा सेंटर क्लस्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब स्थापित करेगी। यह निवेश अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से होगा और 1 गीगावाट क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट भारत का पहला बड़ा डेटा सेंटर हब बनेगा। आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने बताया कि यह निवेश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा उदाहरण है।
गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह एआई हब अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा, जो भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। नायडू ने इसे “एआई कैपिटल ऑफ इंडिया” बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया। प्रोजेक्ट से सीधे 188,000 नौकरियां सृजित होंगी, जिसमें निर्माण, रखरखाव और एआई से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।
यह निवेश वैश्विक स्तर पर एआई और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच आया है। गूगल ने 2025 के लिए अपनी पूंजीगत व्यय अनुमान को 85 अरब डॉलर तक बढ़ा दिया है, जो मुख्य रूप से क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है। भारत में गूगल पहले से ही मुंबई और दिल्ली में छोटे डेटा सेंटर संचालित कर रहा है, लेकिन यह नया क्लस्टर एशिया का सबसे बड़ा होगा। राज्य सरकार ने ग्रीन एनर्जी पर जोर देते हुए प्रोजेक्ट को सौर और पवन ऊर्जा से संचालित करने की योजना बनाई है, जो पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देगा।
हाल के वर्षों में भारत डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट 3 अरब डॉलर, अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) 8.2 अरब डॉलर और ओपनएआई भी इसी दिशा में निवेश कर रही हैं। गौतम अडानी और मुकेश अंबानी जैसे भारतीय उद्योगपतियों ने भी डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने की योजनाएं घोषित की हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत की 1.4 अरब आबादी को एआई-सक्षम सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा, जैसे कि जेमिनी एआई मॉडल और क्लाउड स्टोरेज। हालांकि, बिजली आपूर्ति और डेटा प्राइवेसी जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।
गूगल के इस कदम से भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को बल मिलेगा। कंपनी ने कहा कि प्रोजेक्ट स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी में चलेगा, जिसमें स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए गूगल क्लाउड की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
